
Fitch Ratings released India's sovereign rating: फिच रेटिंग्स ने भारत की तमाम तारीफ के बाद कहा है कि उसकी सॉवरेन रेटिंग BBB- ही रहेगी। फिच रेटिंग्स ने आज बताया है कि भारत के लिए उसका आउटलुक स्थिर है और भारत में तेज विकास हो रहा है और विदेशी वित्त से को लेकर स्थिति लचीली है।
फिच रेटिंग्स के अनुसार BBB- (ट्रिपल बी माइनस) का मतलब है कि यह लोएस्ट इनवेस्टमेंट ग्रेड की रेटिंग है। फिच रेटिंग्स ने भारत की यह रेटिंग 2006 से बनाए रखी है।
फिच रेटिंग्स ने कहा है कि भारत की रेटिंग अन्य समकक्षों की तुलना में मजबूत वृद्धि परिदृश्य और बाहरी वित्तीय लचीलापन दर्शाती है। इसने भारत को पिछले वर्ष में बड़े बाहरी झटकों से पार पाने में मदद की है।
दुनिया में स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी), फिच और मूडीज इन्वेस्टर्स ही सॉवरेन रेटिंग तय करती हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां विभिन्न देशों की सरकारों की उधार चुकाने की क्षमता के आधार पर 'सॉवरेन रेटिंग' तय करती हैं। इसके लिए वह अर्थव्यवस्था, बाजार और राजनीतिक जोखिम को आधार बनाती हैं। रेटिंग यह बताती है कि एक देश भविष्य में अपनी देनदारियों को चुका सकेगा या नहीं।

वहीं फिच रेटिंग्स ने कहा है कि कई अच्छाइयों के बाद भी भारत का कमजोर पब्लिक फाइनेंस के साथ काफी ज्यादा वित्तीय घाटा और अपने समकक्ष देशों की तुलना में कई अन्य इंडीकेटर कमजोर हैं। इसमें से वर्ल्ड बैंक गवर्नेंस इंडीकेटर जैसे मानक हैं।
फिच रेटिंग्स ने इसके अलावा बताया है कि चालू वित्तीय वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। जीडीपी में यह तेजी निवेश में हो रही बढ़त का नतीजा होगी।
फिच रेटिंग्स ने कहा है कि भारत के सामने अभी उच्च मुद्रास्फीति के साथ उच्च ब्याज दर और घटती ग्लोबल डिमांड की दिक्कतें सामने हैं। इसके अलावा फिच रेटिंग्स ने कहा है कि अगले साल वित्तीय वर्ष में भारत की विकास दर थोड़ा कम होकर 6.7 फीसदी रह सकती है।


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