
एग्री क्रेडिट और इनकम टैक्स
वित्त मंत्री ने एग्री क्रेडिट में बढ़ोतरी और इनकम टैक्स में बदलाव को दोहराया, जिसमें काफी लंबे समय बाद बदलाव हुआ। गौरतलब है कि कृषि लोन टार्गेट को 20 लाख करोड़ रु तक बढ़ाया दिया गया है। इसमें बढ़ोतरी पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी पर फोकस के साथ की गयी है। वित्त मंत्री के अनुसार नए टैक्स सिस्टम में अब अधिक इंसेंटिव मिलेगा।
7 लाख रु तक की आय टैक्स फ्री
वित्त मंत्री के अनुसार टैक्स में बदलाव से मध्यम वर्ग फायदा में रहेगा, क्योंकि अब 7 लाख रुपए तक कमाई टैक्स फ्री होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि युवाओं की ट्रेनिंग का बजट में ध्यान रखा गया है। उन्होंने सात प्राथमिकताओं वाली बात को दोहराया। असल में उन्होंने बजट को 7 प्राथमिकताओं पर आधारित बताया था, जिनमें हरित विकास (ग्रीन ग्रोथ), युवा शक्ति, समाज में सभी का विकास, समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश, पूरी क्षमता को सामने लाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ शामिल हैं।
एमएसएमई पर फोकस
वित्त मंत्री के मुताबिक यह बजट पूंजी निवेश के लिए बेहतर है। यह एमएसएमई के लिहाज से भी बेहतर रहा। उन्होंने पीसी में यह भी जानकारी दी कि सरकार गेहूं को बाजार में उतारेगी। इससे गेहूं सस्ता होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट के पहले ही गेहूं की कीमतों को कम करने के लिए कदम उठाए गये थे। उन्होंने कहा कि हम 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य सब्सिडी आवंटन 1.75 लाख करोड़ रुपये है, जो कि स्पष्ट संकेत है कि सरकार मुद्रास्फीति पर रेस्पोंस दे रही है।


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