Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को लगातार छठा बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज होंगे। वह लगातार पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश करने के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रेकॉर्ड की बराबरी करेंगी। सीतारमण पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं, जो जुलाई 2019 से पांच पूर्ण बजट पेश कर चुकी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने सर्वाधिक 10 बार बजट पेश किए। यह किसी वित्त मंत्री द्वारा पेश सर्वाधिक बजट है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी लगातार छठवां बजट
वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। वित्त मंत्री के लिए बजट पेश करने का यह लगातार छठा वर्ष होगा। वित्त मंत्री सीतारमण ने 2019 में अपना पहला बजट पेश किया था। पिछले साल वह लगातार पांच केंद्रीय बजट पेश करने वाली छठी वित्त मंत्री बनीं थीं। इससे पहले अरुण जेटली, पी. चिदम्बरम, यशवन्त सिन्हा, मनमोहन सिंह और मोरारजी देसाई ऐसे वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने लगातार पांच या अधिक बजट पेश किये हैं।

2014 में मोदी सरकार में वित्त मंत्रालय की कमान संभालने के बाद जेटली ने 2014-15 से 2018-19 तक लगातार पांच बजट पेश किए थे। जेटली के खराब स्वास्थ्य के कारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे पीयूष गोयल ने 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश किया था।
बजट पेश करने वाली दूसरी महिला वित्त मंत्री सीतारमण
सीतारमण को 2019 के आम चुनावों के बाद मोदी सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था। वह इंदिरा गांधी के बाद बजट पेश करने वाली दूसरी महिला बनीं, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 1970-71 के लिए बजट पेश किया था।
ब्रीफकेस के स्थान पर बही-खाता
पारंपरिक बजट ब्रीफकेस के स्थान पर सीतारमण ने भाषण और अन्य दस्तावेजों को रखने के लिए राष्ट्रीय प्रतीक के साथ एक बही-खाता चुना। ब्रीफकेस में बजट कागजात ले जाने की परंपरा अंग्रेजों से अपनाई गई परंपरा थी। भारत का बजट ब्रीफकेस ग्लैडस्टोन बॉक्स की एक प्रति थी, जिसका उपयोग ब्रिटिश बजट में किया जाता है। यह बही-खाता लाल रंग के कपड़े से तैयार किया गया है।
2019 के अंतरिम बजट में आई थी पीएम किसान योजना
वित्त वर्ष 2019-20 में मोदी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में किसानों को तोहफा देते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना का ऐलान किया गया था। इसके तहत 2 हेक्टेयर तक एग्रीकल्चर लैंड वाले किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में दिया जाता है। इस स्कीम का फायदा करीब 12 करोड़ किसानों को मिल रहा है। वहीं इस 2019 के अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने नौकरीपेशा करदाताओं के लिए मानक कटौती को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया था।
बजट पेश करने की तारीख भी भाजपा सरकार ने बदली
वर्ष 2017 में मोदी सरकार ने फरवरी के आखिरी कार्य दिवस की जगह 1 तारीख को बजट पेश करने का निर्णय किया था। इसके साथ ही 28 फरवरी को बजट पेश करने की औपनिवेशिक युग की परंपरा खत्म कर दी गयी थी। इसके अलावा मोदी सरकार ने एक और बदलाव किया है। पहले रेलवे का बजट अलग से पेश होता था। लेकिन मोदी सरकार अब रेलवे का बजट मुख्य बजट में ही पेश किया जाता है।


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