नई दिल्ली, अगस्त 25। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 25 अगस्त को अपनी दो दिवसीय मुंबई यात्रा के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत की और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के लिए 2021-22 के लिए एन्हांस्ड एक्सेस एंड सर्विस एक्सीलेंस या ईज 4.0 इंडेक्स (एक सुधार कार्यक्रम) लॉन्च किया। सीतारमण ने बैंकों के वार्षिक वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा के लिए सरकारी बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से भी मुलाकात की।
बैंकों को खास निर्देश
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने बैंकों को एक्सपोर्ट प्रमोशन एजेंसियों के साथ-साथ इंडस्ट्री और कॉमर्स यूनिट्स के साथ बातचीत करने का निर्देश दिया है ताकि निर्यातकों की जरूरतों को समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों का भी जवाब दिया, जिन्होंने केंद्र की नेशनल एसेट मोनेटाइजेशन पाइपलाइन कार्यक्रम की आलोचना की थी।
कई सेक्टरों को चाहिए फंडिंग
वित्त मंत्री ने कहा कि बहुत सारे ग्रोथ हासिल कर रहे सेक्टरों को बहुत अधिक फंडिंग की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि फंडिंग को सुविधाजनक बनाने की आवश्यकता है। बैंकों को तकनीक का लाभ उठाना चाहिए। बैंकों से फिनटेक सेक्टर पर ध्यान देने कहा गया है। बैंकों ने पूर्वी क्षेत्रों में जमा सीएएसए (करंट अकाउंट सेविंग अकाउंट) जमा पर चिंता व्यक्त की है। देश के पूर्वी राज्यों में क्रेडिट फ्लो को बेहतर ढंग से बढ़ावा देने की जरूरत है। देश के पूर्वी राज्यों में क्रेडिट फ्लो नहीं हो रहा है।
बैंकों ने किया अच्छा प्रदर्शन
केंद्रीय वित्त मंत्री के मुताबिक सामूहिक रूप से पीएसबी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। पीएसबी ने दिखाया है कि वे बाजार में आने और फंड जुटाने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रेटेजिक सेक्टरों में सरकार की न्यूनतम उपस्थिति रहेगी। बैंकों और वित्तीय सेवाओं को रणनीतिक क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है। सरकार का प्लान बीमा कंपनियों में न्यूनतम हिस्सेदारी से ऊपर की बिकवाली या विलय करना है।
ईंधन के मुद्दे पर क्या कहा
वित्त मंत्री ने कहा कि ऑयल बॉन्ड पर डिटेल दी है। उन्होंने ईंधन की कीमतों के मामले में कहा कि यह केंद्र बनाम राज्य का मुद्दा नहीं है। ईंधन के मुद्दे पर चर्चा के लिए केंद्र और राज्यों को एक साथ बैठना होगा। सीतारमण ने कहा कि उनके पास अभी बैंकों के निजीकरण पर कहने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधार हो रहा है। हम सुधार संकेतों के स्पष्ट होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
बैंक कर्मचारियों की पेंशन बढ़ी
केंद्र सरकार ने बैंक कर्मचारियों की पेंशन को अंतिम वेतन के 30 प्रतिशत के समान स्लैब में बढ़ा दिया है। इस कदम से बैंक कर्मचारियों की पेंशन 30,000 रुपये से 35,000 रुपये तक बढ़ सकती है। पहले पेंशन की ऊपरी लिमिट 9,284 रुपये थी। केंद्र सरकार ने बैंकों से पेंशन फंड में एम्प्लोयर के योगदान को मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने को कहा गया है। इसी महीने से बैंक कर्मचारियों के वेतन में भी बढ़ोतरी की तैयारी है।
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