नयी दिल्ली। कोरोना संकट ने देश की आर्थिक स्थिति को काफी प्रभावित किया है। महामारी के मद्देनजर मार्च में लगाए गए लॉकडाउन से कारोबार ठप्प हो गए थे, जिससे इकोनॉमी को तगड़ा झटका लगा। इसके साथ ही छोटे उद्योग-धंधे बुरी तरह पिट गए और गरीबों पर भी बुरा असर पड़ा। इन सारे आर्थिक मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने मई में 20 लाख करोड़ रु आत्मनिर्भर राहत पैकेज का ऐलान किया था। मगर समय के साथ विभिन्न सेक्टरों से और भी राहत के उपाय किए जाने की मांग की जा रही थी। इसके बाद सरकार ने दिवाली से पहले नये राहत पैकेज की घोषणा करने के संकेत दिए और आज 12 नवंबर को वित्त मंत्री निर्मला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पैकेज का ऐलान किया। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने 12 बड़ी घोषणाएं की। आइए जानते हैं इन 12 बड़ी घोषणाओं के बारे में।

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का ऐलान किया। इस स्कीम को 1 अक्टूबर 2020 को लागू माना गया है, जो कि 30 जून 2021 तक चलेगी। योजना के तहत जो कंपनियां उन लोगों को रोजगार देंगी जिन्होंने मार्च से सितंबर के दौरान नौकरी गंवाई या पहले से ईपीएफओ में कवर नहीं थें उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए सैलेरी लिमिट अधिकतम 15 हजार रु रखी गई है। दूसरी चीज कि इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) की डेडलाइन को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है। तीसरे नंबर पर 26 सेक्टरों के लिए क्रेडिट सपोर्ट का ऐलान किया गया है। 10 क्षेत्रों के लिए आत्मनिर्भर भारत विनिर्माण उत्पादन प्रोत्साहन योजना शुरू की गई, जिस पर 1.46 लाख करोड़ का खर्च आएगा। इनमें फार्मा, टेलीकॉम और टेक्सटाइल शामिल हैं।
पीएम आवास योजना (शहरी)
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए अतिरिक्त 18,000 करोड़ रुपये की फंडिंग दी जाएगी। ये पैसा इस साल के लिए आवंटित किए गए 8,000 रुपये के ऊपर दिया जाएगा। सरकारी ठेकों पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को 3 फीसदी किया जाएगा, जो अभी 5 से 10 फीसदी तक है। ये छूट बिना विवादों वाले कॉन्ट्रैक्ट पर मिलेगी। हाउसिंग सेक्टर में इनकम टैक्स पर एक राहत दी गई है। पहली बार घर बेचने पर सर्किल रेट और वैल्यू रेट में छूट को 20 फीसदी कर दिया गया है, जो अभी 10 फीसदी है। इसी तरह किसानों के लिए 65 हजार करोड़ रु उर्वरक सब्सिडी की घोषणा की गई है।
इंफ्रा सेक्टर को क्या मिला
सरकार राष्ट्रीय अवसंरचना निवेश कोष (एनआईआईएफ) के लोन प्लेटफॉर्म में 6,000 करोड़ रु का इक्विटी निवेश करेगी। ये इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डेब्ट फाइनेंसिंग प्रोविजन है। पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना पर 10 हजार करोड़ रु अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे। पहले ये राशि 1.10 करोड़ रु थी। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी या डोमेस्टिक डिफेंस कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 10,200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। आइडियाज योजना के तहत एक्जिम बैंक को अतिरिक्त 3,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। आखिर में 12वां ऐलान कोरोना संकट से जुड़ा हुआ है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग को कोविड वैक्सीन के रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए 900 करोड़ रुपये मिलेंगे।


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