नई दिल्ली, मई 2। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए बिलिटेड या रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) जमा करने की अंतिम तारीख को बढ़ा दिया गया है। अब लोग 31 मई 2021 तक यह जमा कर सकेंगे। महामारी के बढ़ते प्राकोप के चलते टैक्सपेयर्स को राहत देने का यह फैसला किया गया है। हालांकि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने की तारीख नहीं बदली है। यह आईटीआर 31 जुलाई तक ही फाइल करना है। इस तारीख तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर आपको कोई आतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
वित्त विभाग ने जारी किया आदेश
वित्त विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार असेसमेंट ईयर 2020-21 (वित्त वर्ष 2019-20) के लिए इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 139 के सब सेक्शन 4 और 5 के तहत बिलेटेड रिटर्न और रिवाइज्ड रिटर्न जमा करने की तारीख को 2 महीने बढ़ाकर 31 मई 2021 किया गया है। पहले डेडलाइन 31 मार्च 2021 थी, जो खत्म हो गई थी।
क्या होता है बिलेटेड और रिवाइज्ड रिटर्न
किसी भी वित्त वर्ष के लिए आईटीआर भरने की मूल समय सीमा खत्म होने के बाद बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जाता है। इसके लिए टैक्सपयर्स को पेनाल्टी देनी पड़ती है। वहीं रिवाइज्ड आईटीआर भी फाइल किया जा सकता है। इसमें मूल आईअीआर में फाइल करते समय कोई चूक हो गई है, तो उसे सुधारा जा सकता है। बिलेटेड आईटीआर आयकर अधिनियम, 1961 के सेक्शन 139(4) के तहत फाइल किया जाता है। वहीं, रिवाइज्ड आईटीआर को सेक्शन 139 (5) के तहत दाखिल किया जाता है। बिलेटेड रिटर्न 10 हजार रुपये की लेट फाइलिंग फीस के साथ जमा किया जाना है।
इससे पहले इन चीजों की बढ़ी लास्ट डेट
-चैप्टर एक्सएक्स के तहत अपील टू कमिश्नर मामले में रिटर्न फाइलिंग की आखिरी तारीख 1 अप्रैल 2021 तक थी जिसे बढ़ाकर 31 मई तक कर दिया गया है।
-सेक्शन 144सी के तहत डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन पैनल के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल तक थी जिसे बढ़ाकर 31 मई कर दिया गया है।
-सेक्शन 148 के तहत मिले नोटिस के मामले में रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन भी 31 मई तक बढ़ाई गई है।


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