Paytm पर RBI के प्रतिबंध से पहले FIIs ने बेचे 7000 करोड़ रुपये के शेयर

Paytm Share Dumping News: साल 2023 का दिसंबर महीना भी पेटीएम के लिए अच्छा नहीं था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा रोक नहीं लगाई गई थी, उस समय भी विदेशी निवेशकों द्वारा कंपनी के 7441 करोड़ रुपए के शेयर्स की बिकवाली की गई थी। यह फॉरेन इन्वेस्टर्स के द्वारा इस फाइनेंशियल ईयर के दिसंबर क्वार्टर की सबसे बड़ी बिकवाली थी। इसके बाद से पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशन में इनकी होल्डिंग वैल्यू 33,148 करोड़ रुपए से घटकर 25,706 करोड़ रुपए आ गई। यह जानकारी प्राइम डेटाबेस के द्वार मिली है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर गैर-अनुपालन की वजह से रोक लगाए जाने के बाद कंपनी को जबरदस्त नुकसान हुआ है और लगातार पेटीएम के शेयर भी डंप किया जा रहे हैं।

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक फास्टैग और उससे जुड़ी वॉलेट जैसी सर्विस पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इन सभी सर्विस को 29 फरवरी 2024 के बाद से बंद कर दिया जाएगा।

हालांकि यह मात्र एक संयोग भी हो सकता है, लेकिन ऐसा लगता है कि फॉरेन इन्वेस्टर्स को पेटीएम पर आने वाले इस बड़ी परेशानी का आभास पहले से हो चुका था और यही कारण है कि उन्होंने समझदारी का निर्णय लेते हुए अपने कंपनी के शेयर्स को डंप कर दिया।

देखा जा सकता है कि इस कंपनी में पिछले क्वार्टर में 26 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी, वहीं 2024 में अब तक इसमें 41 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है।

हालांकि पेटीएम के अलावा दूसरी कंपनियों में भी जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। इस दौरान मारुती सुजुकी और पेट्रोनेट एलएनजी के 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयरों को डंप किया गया था। मारुति के लिए इसमें 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि पेट्रोनेट के लिए इसमें 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की थी।

जानकारी के लिए बता दें कि पिछले क्वार्टर के दौरान जिओ फाइनेंशियल सर्विसेज की विदेशी निवेश को द्वारा भी 2,355 करोड़ रुपए के शेयर्स की बिकवाली हुई थी।

मीडिया में आ रही रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर की तिमाही में विदेशी निवेशकों द्वारा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम की गई है। अगर हम बात करते हैं सितंबर फाइनेंशियल क्वार्टर की तो इस दौरान एनएसई पर मौजूद कंपनियों में एफआईआई की शेयर होल्डिंग 18.40 प्रतिशत की थी। जो दिसंबर का क्वार्टर आते-आते 18.19 फीसदी की रह गई थी।

जानकारी के लिए बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा पाबंदी लगाए जाने के बाद पेटीएम के स्टॉक में करीब 50 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कार्रवाई किए जाने से ठीक पहले पेटीएम में से पैसे निकालना एक संयोग ही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सिर्फ पेटीएम ही अकेली ऐसी कंपनी थी जिसके शेयर को फिर के द्वारा डंप किया गया है। ऐसा ही मारुति सुजुकी और जिओ फाइनेंशियल जैसी बड़ी कंपनियों के साथ भी पिछले क्वार्टर में देखने को मिला है।

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