नई दिल्ली, अक्टूबर 04। फेस्टिव सीजन में ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए एक बुरी खबर है। दरअसल सरकार ने सोमवार को एक अधिसूचना जारी करके प्लेटिनम पर आयात शुल्क यानी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया है। भारत सरकार ने प्लेटिनम पर कुल आयात शुल्क बढ़ा कर 15.4 फीसदी कर दिया है, जो कि अभी तक 10.75 फीसदी था।
जुलाई में सोने पर बढ़ाया था आयात शुल्क
सरकार ने जुलाई में सोने पर आयात शुल्क बढ़ाया था। तब सोने पर आयात शुल्क बढ़ा कर 15 फीसदी कर दिया था। लेकिन प्लेटिनम आयात पर शुल्क को 10.75 फीसदी पर बरकरार रखा गया था।
कीमती धातु रसायन
हालांकि सरकार ने साफ किया है कि कीमती धातु केमिकल्स, कंपाउंड (नोबल मेटल कंपाउंड्स एंड सॉल्यूशन) और कैटालिटिक कन्वर्टर्स को बनाने में प्लेटिनम और पैलेडियम का उपयोग होता तो उसके लिए शुल्क की रियायती दर लागू होगी, जो कि 7.5 फीसदी है। ये बेसिक कस्टम ड्यूटी रेट है। ऐसा शुल्क की रियायती दर पर माल का आयात (आईजीसीआर) के तहत किया जाएगा।
रोडियम पर कस्टम ड्यूटी
रोडियम पर भी 2.5 फीसदी की बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) जारी रहेगी। इस साल 1 जुलाई को सोने पर कस्टम ड्यूटी 7.5 फीसदी से बढ़ा कर 12.5 फीसदी करने की घोषणा की गई थी। बता दें कि सोने पर 2.5 फीसदी एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेस (एआईडीसी) भी लगता है, जिससे कुल आयात शुल्क 15 फीसदी हो जाता है।
प्लेटिनम पर इसलिए बढ़ा शुल्क
यह माना जा रहा है कि प्लेटिनम पर शुल्क में वृद्धि एक खामी को दूर करने के लिए बढ़ाई गयी है। ये खामी सर्राफा आयातकों को रिकॉर्ड मुनाफा कमाने में मदद कर रही है। असल में जुलाई में सोने और प्लेटिनम के आयात शुल्क में अंतर था। ऐसा माना जाता है कि कुछ सर्राफा आयातक प्लेटिनम एलॉय के रूप में रिफाइंड गोल्ड का आयात कर रहे हैं।
ये है पूरा मामला
सितंबर में भारत में प्लेटिनम का आयात कई गुना बढ़ कर रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गया, क्योंकि रिफाइनर ने थोड़ से प्लेटिनम के साथ बड़ी मात्रा में सोने का आयात किया। लेकिन उच्च शुल्क का भुगतान करने से बचने के लिए प्लेटिनम एलॉय के रूप में खरीदारी को रजिस्टर कराया।
सोने की आधार आयात कीमतों में कमी
भारत ने कच्चे तेल, रिफाइंड पाम तेल, कच्चे सोया तेल और सोने के आधार आयात कीमतों में कमी की है। बीते शुक्रवार को सरकार ने एक बयान में कहा था। ऐसा वैश्विक बाजार में कीमतों में गिरावट के कारण किया गया है। सरकार हर पखवाड़े (15 दिन) में खाद्य तेलों, सोने और चांदी के आधार आयात कीमतों में संशोधन करती है, और कीमतों का उपयोग एक आयातक को भुगतान की जाने वाली टैक्स राशि की गणना के लिए किया जाता है। भारत दुनिया में खाद्य तेलों और चांदी का सबसे बड़ा आयातक और सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारतीय सोने की दरें अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों और पीली धातु पर लगने वाले अतिरिक्त करों पर निर्भर करती हैं। हालांकि, दुबई या रियाद में, भारत में सोने के रेट की तुलना में काफी कम हैं। नियम के अनुसार भारतीय निवासी जो दुबई या रियाद में 6 महीने से अधिक समय से रह रहा है, वे भारत में सोना ला सकता है। सोने की मात्रा शुल्क मुक्त आयात सीमा से अधिक होने पर सीमा शुल्क देना होगा।
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