नई दिल्ली, अगस्त 20। पूरे विश्व में लगभग आधी कंपनियां लोगों की छंटनी करने की प्लानिंग कर रही है। बहुत सी कंपनियां आर्थिक मंदी के बीच नौकरी की पेशकश को रद्द कर रही है और बोनस में भी कमी कर रही है। यह चेतावनी एक नई रिपोर्ट में दी गई है। अमेरिका में नवीनतम पीडब्ल्यूसी 'पल्स: 2022 में व्यावसायिक जोखिमों का प्रबंधन' सर्वेक्षण के मुताबिक लगभग 50 फीसदी उत्तरदाताओं ने अपने समग्र हेडकाउंट को कम कर रहे हैं।
सक्रिय कदम उठाए जा रहे है
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बिजनेस लीडर्स की प्रतिभा की नौकरी में रखने और बनाए रखने के बारे में चिंता में है। इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उत्तरदाता कार्यबल को सुव्यवस्थित करने और फ्यूचर के लिए वर्कर स्किल का उपयुक्त मिश्रण स्थापित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे है।"
बहुत से तकनीकी कर्मचारी को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी
रिपोर्ट्स के दावे के मुताबिक कंपनियां साइनिंग बोनस को 46 प्रतिशत कम कर रही है या फिर गिरा रही है। इस अलावा भी 44 प्रतिशत ऑफर्स को रद्द किए जा रहे हैं। अमरीका में जुलाई तक 32 हजार से अधिक तकनीकी कर्मचारियों को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी है। इस में मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी शामिल है और हम देश यानी भारत की बात करें तो कोविड-19 के शुरू होने के बाद से यह पर 25 हजार अधिक स्टार्टअप लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोने पड़े है और इस वर्ष की बात करें तो लगभग इस वर्ष 12 हजार लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया है।
कंपनी ऑटोमेशन की तरफ बढ़ रही है
पीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट्स के अनुसार इस तरह के कदम कुछ व्यापार में अधिक है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि " उपभोक्ता बाजार और प्रौद्योगिकी, मीडिया और दूरसंचार कंपनियों के श्रम की कमी को दूर करने के लिए ऑटोमेशन में इन्वेस्ट करने की ज्यादा संभावना है।" रिर्पोट के मुताबिक कंपनी ऑटोमेशन के तरफ बढ़ रही है। हालांकि सही प्रतिभा के बिना, ऑटोमेशन वादा की गई दक्षताओं को पूरा करने में विफल हो सकता है।


Click it and Unblock the Notifications