FD Rate: जब भी निवेश की बात आती है, तो फिर उस समय लगभग सभी के दिमाग में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) का ख्याल आता ही है। आमतौर में बहुत सारे लोग हैं जो एफडी में निवेश भी करते हैं। मगर उन्हें इससे होने वाले जो नुकसान हैं उसके बारे में पता ही चलता हैं। आज हम आपको एफडी में निवेश से होने वाले नुकसान के बारे में बताने वाले हैं, तो फिर चलिए जानते हैं इसके बारे में सारी डिटेल।

टैक्स देना होता है ब्याज
एफडी में आपको जो ब्याज मिलता है उसको आप सीधे आपके खाते में क्रेडिट नही करा सकते हैं। आपको जो ब्याज मिलता हैं उसमें पूरी तरह से टैक्स लिया जाता है। जिस समय आप आईटीआर फाइल करते है, तो फिर एफडी में मिलने वाला जो ब्याज हैं उसको एक आय के तौर पर काउंट किया जाता हैं। सरकार की तरफ से इस पर टैक्स लिया जाता हैं।

ब्याज दर कम
जबकि जो एफडी हैं वो आपको अधिकतम 10 प्रतिशत की ब्याज दर को पेशकश कर सकता हैं। बहुत बार तो इतना भी ब्याज भी नहीं मिलता है। जबकि जो म्यूचुअल फंड हैं और दूसरे निवेश के विकल्प हैं उसमें ग्राहकों को 20 से 30 प्रतिशत से भी अधिक हो सकता हैं। मगर जो म्यूचुअल फंड हैं उसमें एक समस्या हैं। यह अधिक रिस्क से जुड़े हुए होते हैं। जो लोग अधिक जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं, वे म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं और बेहतर फायदा कमा सकते हैं।

महंगाई से कम हो सकती हैं ब्याज दर
कभी-कभी जो महंगाई दर हैं वो एफडी की दर से भी ज्यादा हो जाती हैं। इतना ही नहीं अलग आप तय सीमा से पहले जो राशि हैं उसको निकाल लेते है, तो फिर एक भी पैसा आपको जमा राशि से अलग बैंक के तरफ से नही दी जाती है।
कोई वृद्धि नहीं ब्याज दर में
एफडी का जो पूरा कार्यकाल होता है। उसमें एक समान ब्याज मिलता है। आपको बैंक कितना पर्सेंटेज देने का वादा करता हैं। उतना ही राशि दिया जाता हैं उससे एक रूपये भी अधिक नही दिया जाता हैं। एफडी जो थी वो केवल छोटी अवधि की बचत के लिए अच्छी थी, मगर उनकी जो अवधि हैं ज्यादा नहीं हैं।


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