नयी दिल्ली। फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को एक सुरक्षित और निश्चित रिटर्न वाला ऑप्शन माना जाता है। यहां शेयर बाजार की तरह आपके नुकसान की संभावना नहीं होती। जमा पैसे पर अच्छा ब्याज मुनाफा कमाने का सही तरीका है। मगर यदि आप लंबी अवधि के लिए एफडी में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं तो एक्सपर्ट इसे एक अच्छा आइडिया नहीं मानते। ऐसा इसलिए क्योंकि अगले 1 साल में ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। मान लें कि आप 5 साल की अवधि के लिए एफडी में पैसा लगाते हैं तो इसका मतलब है कि आपको आज की दर पर ही फायदा मिलेगा। और अगले साल ब्याज दरें बढ़ीं तो आपको उन बढ़ी हुई दरों का फायदा नहीं मिलेगा। 1 साल से ज्यादा की एफडी पर और भी नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं।
इस तरह कम हो जाता है रिटर्न
पैसों की जरूरत कभी भी पड़ सकती है। एफडी हो तो जरूरत के समय आप इसे तोड़ लेंगे। मगर यहीं आपको नुकसान होता है। असल में एफडी तोड़ने पर बैंक ब्याज दर घटा देता है। दूसरे अगर ब्याज दरें बढ़ने पर आप एक एफडी तोड़ कर दूसरी में पैसा लगाएं तो भी बैंक 1 प्रतिशत ब्याज की कटौती करता है। उदाहरण के लिए आपने भारतीय स्टेट बैंक में 5 फीसदी की मौजूदा दर पर 3 साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश किया। अब अगर आप एफडी को तोड़ते हैं तो आपको इस अवधि के दौरान केवल 4 प्रतिशत प्राप्त होगा।
बढ़ सकती हैं ब्याज दरें
भारतीय स्टेट बैंक एफडी पर 4-5 प्रतिशत की ब्याज दर की पेशकश नहीं करता। असल में ब्याज दरें इस बात पर निर्भर करती हैं कि आरबीआई नीतिगत दरें कैसी रखता है। यदि नीतिगत दरों में कटौती हो तो जमा, उधार और एफडी दरों में कटौती देखने को मिलती है। दूसरी ओर तरफ आरबीआई को मुद्रास्फीति कम करनी होती है। यदि मुद्रास्फीति बढ़ रही है तो ये रेपो दर या ब्याज दर बढ़ाता है, जिस पर बैंकों को पैसा उधार दिया जाता है। इससे ब्याज दरें, खास कर एफडी पर, बढ़ती हैं। सितंबर के महीने के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 7.34% हो गई है, जो जनवरी के बाद से सबसे अधिक है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बढ़ती मुद्रास्फीति का ट्रेंड जल्द ही कभी बदलने की संभावना नहीं है। इसका मतलब यह है कि ब्याज दरें 2-3 में ऊपर जा सकती हैं। साथ ही लॉकडाउन खत्म हो गया है पर फिर भी अच्छी आर्थिक ग्रोथ आने में 2-3 वर्ष लग सकते हैं। ऐसी संभावना नहीं है कि अगले 1 साल में ब्याज दरें बहुत अधिक गिरें। लेकिन अगले 2-3 वर्षों में ब्याज दरों के बढ़ने की संभावना है। इसलिए 1 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए निवेश करना समझदारी नहीं होगा। वैसे छोटी और लंबी अवधि की ब्याज दरों में अधिक अंतर भी नहीं है। छोटी अवधि की एफडी पर 4 प्रतिशत और लंबी अवधि के लिए 5 से 5.5 प्रतिशत की ब्याज दर मिल रही है। त्योहारी सीजन में अगर आप एफडी में निवेश कर रहे हैं तो दिवाली खास मौका हो सकता है। मगर 1 साल से ज्यादा के लिए पैसा लगाने से पहले इन बातों पर जरूर ध्यान दें।
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