Fatty Liver Disease In IT Employees: आईटी कंपनी में काम करने वाले 80 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी फैटी लीवर की बीमारी से जूझ रहे हैं। इसका खुलासा हाल ही में हैदराबाद यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में हुआ है। इस स्टडी में पता चला कि लंबे समय तक बैठकर काम करना, स्ट्रेस, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटीज ने करने के कारण आईटी कर्मचारियों में मेटाबॉलिक डिसफंक्शन एसोशिएटेड फैटी लिवर बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है।

इस रिपोर्ट में ये भी बात सामने आई है कि 71 प्रतिशत एंप्लाई मोटापे का शिकार हैं और 34 प्रतिशत मेटाबोलिक सिंड्रोम की समस्या से जूझ रहे हैं। इस स्टडी को हैदराबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक प्रोफेसर Kalyankar Mahadev और प्रोफेसर C T Anitha ने अपने रिसर्च स्कोलर और एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी के सीनियर हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. पीएन राव व उनकी टीम ने मिलकर किया है।
क्या है फैटी लीवर की समस्या? (What is Fatty Liver)
फैटी लिवर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो लिवर में एक्स्ट्रा फैट जमा होने की वजह से हो जाती है। अगर समय रहते इसपर कंट्रोल न किया जाए तो लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। जब किसी व्यक्ति के लीवर में 5 प्रतिशत से ज्यादा फैट बढ़ जाता है तो उसे फैटी लीवर कहते हैं।
कहीं आपको तो नहीं फैटी लीवर की समस्या? (Signs of fatty liver)
फैटी लीवर के कई सारे लक्षण होते हैं। लिवर के ठीक से काम न करने के कारण शरीर में पेट में दर्द यानी लिवर के आसपास दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है। वजन घटना या फिर बिना किसी कोशिश के वजन कम होना भी इसका लक्षण है। पीलिया त्वचा और आंखों का पीला पड़ना लिवर की खराबी का संकेत हो सकता है। भूख कम लगना और पाचन संबंधी समस्याएं भी इसका सबसे साइन है।
फैटी लीवर होने के ये है कारण (Fatty Liver Reasons In Hindi)
आईटी कर्मचारी जो ज्यादातर समय लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं तो इससे उनकी रोज की फिजिकल एक्टिविटी कम होती जाती है, ये कारण ही आगे चलकर फैटी लीवर की बीमारी को बढ़ा देता है। इसके अलावा फास्ट फूड और ऑयली खाना भी लीवर पर बहुत अधिक प्रभाव डालता है। मोटापा और डायबिटीज भी फैटी लीवर होने के पीछे का अहम कारण है। जो कर्मचारी कई घंटों तक ऑफिस का काम बैठकर करते हैं उनमें इस बीमारी के होने का जोखिम और अधिक हो जाता है। अगर फैटी लीवर की बीमारी को अनदेखा कर दिया जाए तो ये लीवर की परेशानी गंभीर बीमारी हो सकती है।
फैटी लीवर से किस तरह करें बचाव? (Fatty Liver Treatment)
फैटी लीवर की समस्या से बचाव करने के लिए हेल्दी डाइट जिसमें ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज आपको शामिल करना चाहिए। इसके अलावा नियमित एक्सरसाइज भी करनी चाहिए। आप रोजाना कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज या योग करें। इसके साथ ही, लंबे समय तक बैठकर काम करने से बचें और बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें। फैटी लीवर से बचाव करने के लिए आपको अपने वजन का भी ध्यान रखना जरूरी है। इसके अलावा स्ट्रेस मैनेजमेंट करना भी जरूरी है।
इसके अलावा शराब और स्मोकिंग से भी फैटी लीवर की परेशानी बढ़ सकती है। इन तरीकों से आप फैटी लीवर की परेशानी से बचाव कर सकते हैं। इसके साथ-साथ आप डॉक्टर से जरूर इस बीमारी के बारे में कंसल्ट करें।
image credit- freepik


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