नयी दिल्ली। फसल की कटाई के लिए भारत की तरह विदेशों में भी अलग से किसान बुलाये जाते हैं। हालांकि भारत में अकसर इस काम के लिए बहुत कम पैसे मिलने की घटनाएं सामने आती हैं। मगर इंग्लैंड में इसी काम के लिए अच्छी खासी रकम दी जा रही हैं। वहां फसल कटाई के लिए सिर्फ एक घंटे के लिए 15 पाउंड यानी करीब 1430 रुपये दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं इंग्लैंड में किसानों की जरूरत ऐसी है कि उन्हें कटाई के बुलाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। आप भी सोचेंगे कि भला लाखों रुपये कैसे तो बता दें कि उन्हें हवाई जहाज से बुलाया गया है। 38 लाख रुपये खर्च करने के बाद उनका एयरपोर्ट से आगे का सफर लग्जरी बस से तय हुआ है। दरअसल इस सब की एक ही वजह है और वो है कोरोनावायरस के कारण लॉकडाउन। लॉकडाउन के बीच इन किसानों के लिए कागजी कार्यवाही भी काफी करनी पड़ी। आइये जानते हैं कि किसने किया इतना खर्चा।
हो जाता करोड़ों का नुकसान
इंग्लैंड की प्रमुख फूड फर्म है G's Fresh, जिसने 150 महिला और पुरुष "विशेष" किसानों को खास रोमानिया से बुलवाया है। इसकी वजह है कि यदि फसल की सही समय पर कटाई न होती तो कंपनी को करोड़ों का नुकसान हो जाता। इसीलिए कंपनी ने टाइटन एयरवेज एयरबस 320 की उड़ान के लिए लगभग 40,000 पाउंड किराया दिया। कोविड-19 महामारी के कारण उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और सीमाएं बंद हैं। इसलिए खास फ्लाइट से इन किसानों को लाना पड़ा। कंपनी के एचआर निदेशक के अनुसार इस उड़ान से हम उन लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान कर रहे हैं जिन्होंने कई वर्षों से हमारे साथ काम किया है।
किस आधार मिलेगा मेहनताना
बता दें कि G's Fresh कुशल मजदूरों को एक घंटे के लिए 15 पाउंड यानी 1430 रुपये प्रति घंटा का मेहनताना देगी। जबकि 25 साल से अधिक की उम्र के मजदूरों को 8.72 पाउंड यानी करीब 831 रुपये प्रति घंटा का भुगतान किया जाएगा। इंग्लैंड के पूर्व एंग्लिया के एक बड़े खेत में काम शुरू करने से पहले रोमानिया ये आए ये कर्मचारी एसेक्स के स्टेनस्टेड हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां मास्क लगाए हुए सशस्त्र पुलिस और अधिकारियों ने उनका अभिवादन किया। इन कर्मचारियों में महिलाएं भी शामिल हैं। ये जानना दिलचस्प होगा कि ये काफी स्टाइलिश कर्मचारी हैं, जो बेहद फैशनेबल आउटफिट में हैं।
इंग्लैंड पूर्वी यूरोप के कामगारों पर निर्भर
हाल के वर्षों में ब्रिटिश खेत गर्मी की फसल इकट्ठा करने के लिए पूर्वी यूरोप से 90,000 फल और सब्जी चुनने वालों पर निर्भर हैं। लेकिन इस साल लगभग सभी यूरोपीय देशों में कोरोनावायरस महामारी के कारण लॉकडाउन है, जिससे यात्रा बेहद सीमित कर दी गई है और आशंकाएं हैं कि फसलें खेतों में ही बर्बाद हो सकती हैं। इसीलिए G's Fresh को खास इंतेजाम करना पड़ा। कंपनी के एचआर निदेशक के अनुसार 'रोमानिया से आए कर्मचारी फसलों को इकट्ठा करने के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। हम नए ब्रिटिश कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं तब तक वे हमें सहारा देंगे। उनके बिना हमारे खेत में फसलें सड़ जातीं।'
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