नयी दिल्ली। आधुनिक कृषि मशीनरी का उपयोग कृषि के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक बन गया है। कोई भी इनके बिना आधुनिक खेती के बारे में सोच भी नहीं सकता। आधुनिक कृषि मशीनरी में मेहनत कम लगती है और फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी होती है। हालांकि कुछ किसान कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण महंगी कृषि मशीनरी नहीं खरीद पाते। सरकार इसी के लिए एक नई योजना लाई है। केंद्र सरकार ने देश में 42000 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य देश के छोटे और पिछड़े किसानों को किराए पर आधुनिक कृषि उपकरण प्रदान करना है। इतना ही नहीं योजना के तहत किसानों को 8 लाख रु तक की मदद दी जाएगी।
मिलेगी 8 लाख रु की सब्सिडी
जैसा कि हम जानते हैं कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत किसानों के लिए 'फार्म मशीनरी बैंक' योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 10 लाख रु तक के उपकरण रखे जा सकते हैं। इसमें 80 प्रतिशत पैसा सरकार देगी। यानी 10 लाख रु में से 8 लाख रु की मदद सरकार से बतौर सब्सिडी मिलेगी। 20 प्रतिशत राशि किसान समूह खुद या बैंक लोन द्वारा जुटा सकता है।
कैसे मिलेगी कृषि मशीनरी
ध्यान देने वाली बात ये है कि सरकार ने कृषि मशीनरी को किराए पर लेने के लिए "सीएचसी-फार्म मशीनरी" मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, ताकि किसानों को कृषि मशीनरी आसानी से मिल सके। ये मोबाइल ऐप किसानों को कृषि से संबंधित सभी प्रकार की कृषि मशीनरी आसानी से प्राप्त करने में मदद करेगा, जिसमें सीएचसी-कृषि मशीनरी कस्टम हायरिंग केंद्रों के माध्यम से किराये के ट्रैक्टर शामिल हैं। सरकार ने मोबाइल ऐप को सीएचसी फार्म मशीनरी नाम दिया है। यह ऐप 12 भाषाओं जैसे हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू आदि में उपलब्ध है और इसे Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है।
कहां करें आवेदन
अगर कोई किसान कृषि उपकरणों पर सब्सिडी के लिए आवेदन करना चाहता है, तो वह सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) जा सकता है। सब्सिडी पाने के लिए किसानों को अपने क्षेत्र के ई-मित्र कियोस्क पर जाकर आवेदन करना होगा। इसके लिए किसानों से शुल्क लिया जाएगा। जरूरी डॉक्यूमेंट्स की बात करें तो आवेदन के साथ आपको फोटो, खरीदे गए उपकरण के बिल की एक प्रति, भामाशाह कार्ड के अलावा आधार कार्ड की भी जरूरत होगी। इसके आलाव आपके पास बैंक खाते की पास बुक भी चाहिए होगी। इनके अलावा कुछ अन्य डॉक्यूमेंट्स भी मांगे जाएंगे।
राजस्थान में किसे मिलेगी प्राथमिकता
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राजस्थान में इस योजना का फायदा वैसे तो सभी किसान ले सकते हैं। मगर अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला, बीपीएल कार्डधारक और छोटे किसानों को इस योजना का लाभ लेने में प्राथमिकता दी जाएगी। ध्यान रहे कि आपको सब्सिडी पहले आओ पहले पाओ के आधार पर मिलेगी। राजस्थान सरकार ने 100 कस्टम हायरिंग केन्द्र शुरू करने का प्लान बनाया है। इसके लिए राज्य के कृषि विभाग ने 8 करोड़ रु आवंटित किए हैं।
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