FAQs on Budget 2024: बजट को लेकर मन में उठते हैं सवाल, तो यहां पर मिलेगा उनका पूरा जबाव

FAQs on Budget 2024: बजट को लेकर आम आदमी के मन में कई सवाल होते हैं। आमतौर पर वह सोचता है कि इसमें इनकम टैक्स और सरकारी स्कीमों के घोषणा के अलावा उसके काम की कोई बात नहीं है। लेकिन यह सच नहीं है। अगर आपके मन में बजट को लेकर कोई भी सवाल है, तो यहां पर हर सवाल का जबाव ले सकते हैं।

प्रश्न: बजट क्या है?

उत्तर: सरकारी बजट एक वित्तीय योजना है, जो एक विशिष्ट अवधि, आमतौर पर एक वित्तीय वर्ष के लिए सरकार के अपेक्षित राजस्व और प्रस्तावित खर्च की रूपरेखा तैयार करती है।

FAQs on Budget 2024

प्रश्न: सरकारी बजट के मुख्य घटक क्या हैं?

उत्तर: मुख्य घटकों में राजस्व, व्यय, घाटा या अधिशेष और स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवंटन शामिल हैं।

प्रश्न: आर्थिक विकास क्या है?

उत्तर: आर्थिक वृद्धि किसी अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन और खपत में वृद्धि है, जिसे अक्सर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के माध्यम से मापा जाता है।

प्रश्न: मुद्रास्फीति अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करती है?

उत्तर: मुद्रास्फीति, वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर में वृद्धि, क्रय शक्ति को कम करती है और उपभोक्ता खर्च, निवेश और समग्र आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।

प्रश्न: जीडीपी क्या है?

उत्तर: जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) एक विशिष्ट समय सीमा के भीतर किसी देश में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य है, जिसे आमतौर पर सालाना मापा जाता है।

प्रश्न: किसी अर्थव्यवस्था में केंद्रीय बैंकों की क्या भूमिका है?

उत्तर: केंद्रीय बैंक, जैसे फेडरल रिजर्व या भारतीय रिजर्व बैंक, मौद्रिक नीति का प्रबंधन करते हैं। इसमें मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करते हैं और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए ब्याज दरों को तय करते हैं।

प्रश्न: सरकारी ऋण अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करता है?

उत्तर: अत्यधिक सरकारी ऋण से अधिक ब्याज भुगतान हो सकता है, अन्य आवश्यक खर्च पर असर पड़ सकता है और संभावित रूप से वित्तीय अस्थिरता पैदा हो सकती है।

प्रश्न: किसी देश के आर्थिक विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक क्या हैं?

उत्तर: प्रमुख कारकों में शिक्षा, बुनियादी ढाँचा, राजनीतिक स्थिरता, नवाचार और अनुकूल कारोबारी माहौल शामिल हैं।

प्रश्न: कराधान व्यक्तियों और व्यवसायों को कैसे प्रभावित करता है?

उत्तर: टैक्स सरकारी गतिविधियों को वित्त पोषित करते हैं, लेकिन कराधान का प्रकार और इसकी दर व्यक्तियों और व्यवसायों दोनों के काम, निवेश और खर्च के लिए प्रोत्साहन को प्रभावित कर सकते हैं।

बजट पेश करते ही रिकॉर्ड बना देंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को लगातार छठा बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज होंगे। वह लगातार पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश करने के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रेकॉर्ड की बराबरी करेंगी। सीतारमण पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं, जो जुलाई 2019 से पांच पूर्ण बजट पेश कर चुकी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने सर्वाधिक 10 बार बजट पेश किए। यह किसी वित्त मंत्री द्वारा पेश सर्वाधिक बजट है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी लगातार छठवां बजट

वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। वित्त मंत्री के लिए बजट पेश करने का यह लगातार छठा वर्ष होगा। वित्त मंत्री सीतारमण ने 2019 में अपना पहला बजट पेश किया था। पिछले साल वह लगातार पांच केंद्रीय बजट पेश करने वाली छठी वित्त मंत्री बनीं थीं। इससे पहले अरुण जेटली, पी. चिदम्बरम, यशवन्त सिन्हा, मनमोहन सिंह और मोरारजी देसाई ऐसे वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने लगातार पांच या अधिक बजट पेश किये हैं।

बजट पेश करने वाली दूसरी महिला वित्त मंत्री सीतारमण

सीतारमण को 2019 के आम चुनावों के बाद मोदी सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था। वह इंदिरा गांधी के बाद बजट पेश करने वाली दूसरी महिला बनीं, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 1970-71 के लिए बजट पेश किया था।

ब्रीफकेस के स्थान पर बही-खाता

पारंपरिक बजट ब्रीफकेस के स्थान पर सीतारमण ने भाषण और अन्य दस्तावेजों को रखने के लिए राष्ट्रीय प्रतीक के साथ एक बही-खाता चुना। ब्रीफकेस में बजट कागजात ले जाने की परंपरा अंग्रेजों से अपनाई गई परंपरा थी। भारत का बजट ब्रीफकेस ग्लैडस्टोन बॉक्स की एक प्रति थी, जिसका उपयोग ब्रिटिश बजट में किया जाता है। यह बही-खाता लाल रंग के कपड़े से तैयार किया गया है।

2019 के अंतरिम बजट में आई थी पीएम किसान योजना

वित्त वर्ष 2019-20 में मोदी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में किसानों को तोहफा देते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना का ऐलान किया गया था। इसके तहत 2 हेक्टेयर तक एग्रीकल्चर लैंड वाले किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में दिया जाता है। इस स्कीम का फायदा करीब 12 करोड़ किसानों को मिल रहा है। वहीं इस 2019 के अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने नौकरीपेशा करदाताओं के लिए मानक कटौती को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया था।

बजट पेश करने की तारीख भी भाजपा सरकार ने बदली

वर्ष 2017 में मोदी सरकार ने फरवरी के आखिरी कार्य दिवस की जगह 1 तारीख को बजट पेश करने का निर्णय किया था। इसके साथ ही 28 फरवरी को बजट पेश करने की औपनिवेशिक युग की परंपरा खत्म कर दी गयी थी।

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