नई दिल्ली, मार्च 6। यदि आप शेयर बाजार को देखें तो लगता है कि इससे पैसा बनाना बहुत मुश्किल है। खास कर ऐसे समय पर जब रूस-यूक्रेन में लड़ाई के बीच शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी हो। हालांकि बाजार का एक हिस्सा है जो इस तरह की चिंताओं से दूर है। ये हैं पेनी स्टॉक। कम से कम 21 शेयर ऐसे रहे हैं, जिन्होंने 2022 में केवल सवा 2 महीनों में निवेशकों को 650 फीसदी रिटर्न दिया है। यहां हम आपको इन 21 शेयरों और उनके रिटर्न की जानकारी देंगे।
जानिए क्या होते हैं पेनी स्टॉक्स
पेनी स्टॉक उन शेयरों को कहा जाता है जिनकी कीमत 10 रुपये से कम हो। इन कंपनियों की मार्केट कैपिटल भी बहुत कम होती है। इन शेयरों में जोखिम भी रहता है कि क्योंकि यह शेयर जब भागते हैं तो भागते हैं, मगर जब गिरते हैं तो गिरते ही रहते हैं। इसलिए ऐसे शेयरों में निवेश बहुत सावधानी से करें।
केसर कॉर्प, बीएलएस इंफोटेक और खूबसूरत
पहले बात करते हैं केसर कॉर्प, बीएलएस इंफोटेक और खूबसूरत की। इनमें केसर कॉर्प 2022 में अब तक 650 फीसदी रिटर्न दे चुका है। वहीं बीएलएस इंफोटेक ने 2022 में अब तक 578.79 फीसदी रिटर्न दिया है। खूबसूरत का शेयर इस साल में अब तक 528.85 फीसदी उछल चुका है।
एमपीएस इंफो, मधुसूदन सिक्योरिटी और किरन सिंटेक्स
एमपीएस इंफो 2022 में अब तक 53.33 फीसदी रिटर्न दे चुका है। वहीं मधुसूदन सिक्योरिटी ने 2022 में अब तक 106.63 फीसदी रिटर्न दिया है। किरन सिंटेक्स का शेयर इस साल में अब तक 344.24 फीसदी उछल चुका है।
ये हैं बाकी शेयर
बाकी शेयरों में इनोवेटिव आइडियल्स (134.60 फीसदी), त्रिवेणी ग्लास (124.76 फीसदी), एलिजेंट फ्लोरीकल्चर (239.48 फीसदी), ट्रानवे टेक (99.25 फीसदी), कोम-ऑन (63.66 फीसदी), एफजीपी (79.63 फीसदी), काइनेटिक ट्रस्ट (66.41 फीसदी), बायोजेन फार्माकेम (110.94 फीसदी), लुहारुका मीडिया (85.39 फीसदी), आईएसएफ (69.39 फीसदी), हेमंग रिसॉर्सेज (252.56 फीसदी), कंसोलिडेटेड कंसट्रक्शन (70 फीसदी), आरएससी इंटरनेशनल (89.53 फीसदी), आईएलएंडएफएस इंजीनियरिंग (98.64 फीसदी) और जॉनसन फार्माकेयर (64.71) शामिल हैं।
बीते हफ्ते शेयर बाजार
बीता हफ्ता बाजार के लिए एक और निराशाजनक सप्ताह रहा। रूस-यूक्रेन युद्ध के बिगड़ने से बेंचमार्क सूचकांकों में लगभग 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। युद्ध ने आपूर्ति की चिंताओं पर तेल की कीमतों को और बढ़ा दिया, जिससे मुद्रास्फीति की चिंता बढ़ गई। फरवरी महीने के लिए ऑटो बिक्री और तीसरी तिमाही के जीडीपी डेटा ने भी 4 मार्च को समाप्त सप्ताह में बाजार के लिए निराशा बढ़ाई। दोनों इक्विटी बेंचमार्क 24 फरवरी के क्लोजिंग स्तर से गिर कर बंद हुए, जो इस साल की सबसे बड़ी एकल-दिवस गिरावट थी। सेंसेक्स 1,525 अंक या 2.73 प्रतिशत गिरकर 54,334 पर आ गया और निफ्टी 50 413 अंक या 2.48 प्रतिशत गिरकर 16,245 पर आ गया। ऑटो, बैंकिंग और वित्तीय और उपभोग शेयरों ने बाजार को नीचे धकेला। मगर धातु, तेल और गैस और आईटी इंडेक्स ने घाटे को कम किया और गिरावट को सीमित कर दिया। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.5 फीसदी और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.35 फीसदी गिरे। आगे भी बाजार में अस्थिरता रह सकती है। कहा जा रहा है कि जब तक यूक्रेन की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक अस्थिरता रहेगी। आने वाले सप्ताह में फिर से कमजोरी आने की उम्मीद है।


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