Fake Court Orders Fraud: आपने कई सारे मामलों के बारे में सुना होगा जिसमें फ्रॉडस्टर लोगों को बेवकूफ बनाकर पैसे हासिल कर लेते हैं। हाल ही में एक और मामला सामना आया है। साइबर क्राइम पुलिस ने 3 लोगों को प्राइवेट बैंक से धोखाधड़ी करने के मामले में अरेस्ट किया है। इन फ्रॉडस्टर ने फेक राज्य सरकार की ईमेल आईडी बनाई और लोगों को 18 फेक कोर्ट भेजकर 1.32 करोड़ रुपये हासिल कर लिए थे।

नकली अदालत आदेशों के माध्यम से यह राशि दो फ्रोजन अकाउंट में ट्रांसफर करवाई थी। नई दिल्ली का रहने वाले अभिमन्यु कुमार पांडे, नीरज सिंह और राजस्थान का सागर लकुरा नाम के तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
18 नकली कोर्ट ऑर्डर भेजे (Bank fraud news)
सागर ने कर्नाटक राज्यव्यापी क्षेत्र नेटवर्क (KSWAN) में झूठी जानकारी देकर एक नकली सरकारी ईमेल आईडी ([email protected]) बनाई और इस ईमेल का यूज करते हुए, उन्होंने सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच बैंक को 18 नकली कोर्ट ऑर्डर भेजे, जिनमें दो फ्रोजन अकाउंट से धनराशि जारी करने का अनुरोध किया गया था। बैंक के एक कर्मचारी ने ईमेल और कॉल की जानकारी के बाद, इन ऑर्डर्स को असली मानते हुए ₹1.32 करोड़ की राशि एक अन्य प्राइवेट बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी।
पुलिस ने दी मामले की जानकारी (Fake Court Orders email id)
पुलिस ने कहा कि सागर, जिसने पुलिस अधीक्षक रैंक का अधिकारी होने का दावा किया धोखाधड़ी का पता आंतरिक ऑडिट के दौरान उसका पता चला। इंस्पेक्टर हजारेश किलेदार के नेतृत्व में एक पुलिस दल ने पाया कि एक्सिस बैंक का खाता दिल्ली के रहने वाले पांडे का है और 10 मार्च को उसका पता लगाया।
उसने नीरज के निर्देश पर खाता खोलने की बात कबूल की। उसी दिन पुलिस ने नीरज को दबोच लिया, जिसने सागर की भूमिका का खुलासा किया। सरगना को 19 मार्च को उसके घर से हिरासत में लिया गया। सागर, जो अपनी 12वीं कक्षा में फेल हो गया था और अपने बड़े भाई के स्टूडियो में फोटो एडिटिंग में उसकी मदद करता था, सट्टे का आदी हो गया और पैसे हार गया।
एक मामले में, कुछ साल पहले उसका खाता फ्रीज कर दिया गया था। एक वकील की मदद से उसने खाते को अनफ्रीज करवाया, जिसके दौरान उसे इस प्रक्रिया के बारे में पता चला और उसने पुलिस का रूप धारण करके और बैंक को धोखा देने के लिए फर्जी कोर्ट ऑर्डर बनाकर जल्दी पैसे कमाने की साजिश रची। उसे पहले गुजरात में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की फर्जी ईमेल आईडी बनाने और उसका इस्तेमाल करके बैंक से खाते को अनफ्रीज करवाने और पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
लेन-देन के बाद, बैंक प्रबंधक को संदेह हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान, पुलिस ने लेन-देन का पता लगाया, खाताधारक की पहचान की और इन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक फ्रॉडस्टर के खाते में ₹63 लाख की राशि फ्रीज कर दी, जबकि बाकि राशि खर्च की जा चुकी थी।


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