नयी दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी के नाम से शायद आप वाकिफ होंगे। अगर नहीं हैं तो बता दें कि ये एक डिजिटल करेंसी होती है, जिसमें बकायदा लेन-देन होता है। भारत में हाल ही में इसके इस्तेमाल के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दिखाई है। इससे पहले तक भारत में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर पाबंदी थी। अब बात करतें हैं इसका इस्तेमाल बढ़ने पर। हाल ही में फेसबुक और रिलायंस के बीच एक बड़ी डील हुई है। यही डील भारत में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल को बढ़ा सकती है। दरअसल फेसबुक की अपनी क्रिप्टोकरेंसी है लिब्रा (Libra), जिसका संभावित रूप से मैसेंजर और व्हाट्सएप जैसी ऐप्लिकेशंस में भुगतान विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने हाल ही में रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 5.7 अरब डॉलर का निवेश किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे दोनों कंपनियों के लिए भारत में ब्लॉकचेन इनोवेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल भुगतान बाजार में अपना शेयर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
क्या है रिलायंस जियो का लक्ष्य
रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने पहले ही दुनिया में सबसे बड़ा ब्लॉकचेन (क्रिप्टोकरेंसी से लेन-देन में इसकी जरूरत पड़ती है) नेटवर्क डेवलप करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने पिछले साल 12 अगस्त को अपनी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान एक आधिकारिक बयान दिया था कि वह इंडस्ट्रीज के लिए एक पैन-इंडिया ब्लॉकचेन नेटवर्क स्थापित करने की योजना बना रही है। अब तक केवल स्टार्टअप ही ब्लॉकचेन और क्रिप्टोकरेंसी में शामिल हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिलायंस और फेसबुक का इसमें दाखिल होना गेम चेंजर हो सकता है।
मिल कर मचा सकते हैं धमाल
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सभी को जियो के ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में इन्वोल्वमेंट और फेसबुक के लिब्रा क्रिप्टोकरेंसी के बारे में पता है। इन दोनों के मिल जाना स्पष्ट रूप से भारत में ब्लॉकचेन क्रिप्टो-संबंधित इनिशिएटिव को बढ़ावा देने की दिशा में कदम है। भारत में एक प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के संस्थापक कहते हैं कि दोनों काफी इनोवेटिव कंपनियां हैं और मुझे नहीं लगता कि वे उस समय बैठी रहेंगी जब दुनिया क्रिप्टो में आगे बढ़ेगी। इसके अलावा व्हाट्सएप भी अपने 40 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ भारत में ऑनलाइन पेमेंट सेक्टर में पैंठ बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में ये एक बहुत अच्छा मौका है, जब रिलायंस-फेसबुक साझेदारी से क्रिप्टोकरेंसी को बढ़ावा मिल सकता है।
क्या होगा लिब्रा और व्हाट्सएप का कनेक्शन
लिब्रा और व्हाट्सएप दोनों फेसबुक के हैं। लिब्रा फेसबुक की क्रिप्टोकरेंसी है, जबकि व्हाट्सएप भी इसी का प्लेटफॉर्म है। अब जियो फेसबुक के साथ हुई डील के तहत व्हाट्सएप के जरिए ही अपना रिटेल कारोबार बढ़ाने की शुरुआत कर चुकी है। इसके लिए रिलायंस ने व्हाट्सएप आधारित पोर्टल भी लॉन्च कर दिया है। ऐसे में इस साझेदारी से दोनों के लिए इंटरनल लेनदेन के लिए व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं के लिए लिब्रा को बढ़ावा देना आसान हो जाएगा। उदाहरण के लिए लिब्रा को जियो प्लेटफॉर्म पर सामान खरीदने के लिए क्रेडिट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए फेसबुक को लिब्रा को भारत में शुरुआत करने के लिए कई तरह की मंजूरियां लेनी होंगी।
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