Exports : अमेरिका में भारत का निर्यात सितंबर में वार्षिक आधार पर 10.7 फीसदी घट गया है। चीन से निर्यात भी 45.8 प्रतिशत तक कम हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले महीने देश के कुल शिपमेंट में 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। शिपमेंट में कमी आने से इंजीनियरिंग, वस्त्र और सूती धागे जैसे रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए है।
इंजीनियरिंग के सामनों के निर्यात में 17 प्रतिशत की कमी आई हैं
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के विश्लेषण के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बांग्लादेश सहित 10 बड़े मार्केट में से 6 और टॉप 30 मुख्य जो वस्तु हैं उसमें से 18 के लिए जो व्यापारिक निर्यात हैं उसमें कमी आई हैं। इंजीनियरिंग के सामनों के निर्यात में 17 प्रतिशत की कमी आई हैं। क्योंकि कोरोना महामारी के जो प्रतिबंध हैं। उसकी वजह से हांगकांग और चीन में स्टील पर 15 निर्यात शुल्क के साथ कमी आई हैं।
सितंबर में परिधान निर्यात को 21.5 प्रतिशत अनुबंधित किया
इसी प्रकार, यूरोपीय संघ और अमेरिका में उच्च इन्वेंट्री स्टॉक, अधिक ब्याज की दर और आर्थिक मंदी और यूएई और सऊदी मार्केट में बढ़ रही मुद्रा स्फीति ने सितंबर में परिधान निर्यात को 21.5 प्रतिशत अनुबंधित किया। एक अधिकारी को तरफ से कहा गया है कि अक्टूबर तक यूरोपीय संघ और अमेरिका में उच्च इन्वेंट्री स्टॉक चलेगा। हम तब इस क्षेत्र में सुस्त तेजी देख सकते हैं। यह जो उद्योग हैं दिसंबर के समय पिकअप की उम्मीद है।
हमें उम्मीद हैं कि ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए निर्यात को बढ़ावा देगा
वही फैब्रिक, कॉटन यार्न और मेड अप्स के निर्यात में अप्रैल -सितंबर में वार्षिक आधार पर 21 प्रतिशत की गिरावट आई थी। विश्लेषण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2013 के पहले 6 महीनों में हस्तशिल्प निर्यात में 30.5 प्रतिशत की कमी हैं। जबकि कालीनों में 19.1 प्रतिशत हैं। अधिकारी की तरफ से कहा गया कि हमें उम्मीद हैं कि ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए निर्यात को बढ़ावा देगा और हमारे द्वारा जो उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। उसमें विविधता लाने की जरूरत हैं। वर्ष 2022-23 में भारत का लक्ष्य 470 अरब डॉलर के लक्ष्य व्यापारिक निर्यात का हैं। प्रारंभिक आंकड़ों जो 3 अक्टूबर को जारी हुए उसमें 229.05 अरब डॉलर का निर्यात दिखाया गया, जो वर्ष आधार पर 15.54 प्रतिशत अधिक हैं।


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