भारतीय निर्यातक कोविड- 19 मामलों में वृद्धि के बावजूद देश के आउटबाउंड शिपमेंट में निरंतर वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि उनके ऑर्डर उत्साहजनक हैं तथा अमीर बाजारों में मांग में भी बढ़ोतरी हो रही है।
नई दिल्ली, मई 4। भारतीय निर्यातक कोविड- 19 मामलों में वृद्धि के बावजूद देश के आउटबाउंड शिपमेंट में निरंतर वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि उनके ऑर्डर उत्साहजनक हैं तथा अमीर बाजारों में मांग में भी बढ़ोतरी हो रही है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) के अध्यक्ष एसके सराफ ने कहा कि ज्यादातर राज्यों में विनिर्माण और निर्यात से संबंधित सेवाओं को प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है और केंद्र सरकार द्वारा कार्गो के अंतर-राज्य मूवमेंट की अनुमति है।

हालांकि, इस तरह के परिमाण की एक महामारी व्यवधान पैदा करती है क्योंकि विभिन्न हितधारक उद्योग सहित पूरे जनशक्ति के साथ काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा हम उम्मीद करते हैं कि मध्य मई से स्थिति में सुधार होना चाहिए। ऐसी धारणाओं के साथ, हम उम्मीद करते हैं कि निर्यात वृद्धि के अनुमान पर जारी रहेगा क्योंकि निर्यातकों की ऑर्डर-बुकिंग स्थिति बहुत उत्साहजनक है।
महामारी संकट के बीच 3 गुना ज्यादा रहा निर्यात
दूसरी तरफ देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच व्यापार घाटे में बढ़ोतरी हुई है और अप्रैल 2021 में व्यापार घाटा 120 फीसदी बढ़ गया। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2021 में देश का निर्यात पिछले साल अप्रैल 2020 के मुकाबले करीब तीन गुना अधिक रहा। कॉमर्स मिनिस्ट्री के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2021 में भारत ने करीब 3021 करोड़ डॉलर (2.24 लाख करोड़ रुपये) का निर्यात किया। वहीं पिछले साल अप्रैल 2020 में सिर्फ 1017 करोड़ डॉलर (75.4 हजार करोड़ रुपये) का निर्यात हुआ था। हालांकि इस दौरान आयात में भी बढ़ोतरी हुई और अप्रैल 2020 में 1709 करोड़ डॉलर (1.27 लाख करोड़ रुपये) के आयात के मुकाबले अप्रैल 2021 में 4545 करोड़ डॉलर (3.37 लाख करोड़ रुपये) का आयात हुआ।
पिछले साल अप्रैल में 60.25% कम हुआ था निर्यात
मिली जानकारी के मुताबिक अप्रैल में करीब 1524 करोड़ डॉलर (1.13 लाख करोड़ रुपये) का व्यापार घाटा रहा जो पिछले साल अप्रैल 2020 में 692 करोड़ डॉलर (51.3 हजार करोड़ रुपये) के व्यापार घाटे से 120.34 फीसदी अधिक है। पिछले साल की बात करें तो कोरोना महामारी के कारण देश भर में लगाए गए लॉकडाउन के चलते अप्रैल 2020 में निर्यात में 60.28 फीसदी की गिरावट आई थी। इस साल मार्च में निर्यात 60.29 फीसदी बढ़कर 3445 करोड़ डॉलर (2.55 लाख करोड़ रुपये) हो गया। पिछले साल कोरोना संक्रमण को थामने के लिए मार्च 2020 में पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया था जिसके चलते आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं थीं।
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