नई दिल्ली, सितंबर 22। पैन कार्ड आज वित्तीय कार्यों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है। बैंक खाता खोलने, इनकम टैक्स रिटर्न भरने और एक सीमा के बाद लेन-देन के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है। वित्तीय कार्यों के अलावा कई बार यह पहचान पत्र के रुप में भी प्रयोग किया जाता है। तमाम जरूरतों में प्रयोग होने की वजह से पैन कार्ड के विषय में तो सभी जानते हैं, लेकिन क्या कभी आपने टैन कार्ड का नाम सुना है। नौकरी के समय टैन कार्ड की मांग की जाती है। चलिए आज हम आपकों टैन कार्ड और पैन कार्ड के बीच अंतर को समझाते हैं।
क्या होता है टैन कार्ड
टैन का पूरा नाम है टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन अकाउंट नंबर है। यह एक 10 संख्या की अल्फा- न्यूमेरिक नंबर होता है। इनकम टैक्स की आईटी अधिनियम 1961 की धारा 203A के तहत आईटी डिपार्टमेंट उन सभी लोगों को टैन नंबर आवश्यक रुप से प्रदान करता है जिनका टीडीएस कटता है। यह संख्या उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिनका टैक्स कटता है या वो जमा करते हैं।
टीडीएस के लिए होता है आवश्यक
आयकर विभाग के बेवसाइट से मिली जानाकारी के मुताबिक आईटी अधिनियम 1961 की धारा 203ए के तहत यह जरूरी है कि सभी टीडीएस भुगतान करने लोगों के पास टैन नंबर का होना आवश्यक है। टैन नंबर एक 10 अंको की अल्फान्यूमेरिक संख्या होती है, यह आयकर विभाग द्वारा जारी की जाती है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता है तो आयकर विभाग उनसे 10,000 हजार रुपए का जुर्माना वसूलता है। साथ ही बैंक के माध्यम से टीडीएस का भुगतान भी रोक दिया जाता है।
कैसे करें अप्लाई
टैन को आनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से प्राप्त किया जा सकता है। अगर आफ ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो आपको फॉर्म 49बी की दो प्रतिया भरकर किसी भी नजदिकी टैन सुविधा केन्द्र में जमा करना होगा। टैन सुविधा केन्द्र का पता आप एनएसडीएल वेबसाइट https://www.tin-nsdl.com से ले सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको एनएसडीएल की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। https://tin.tin.nsdl.com/pantan/StatusTrack.html इस वेबसाइट की माध्यम से आप टैन कार्ड अप्लाई कर सकते हैं।
टैन और पैन में क्या है अंतर
पैन का पूरा नाम है पर्मानेंट अकाउंट नंबर जबकि टैन का पूरा नाम है टैक्स डिडक्टिबल अकाउंट नंबर है। जिन लोगों के कर कटते हैं या वो जमा करते हैं उनके पास टैन नंबर होना चाहिए।


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