नई दिल्ली। कोरोना वायरस यानी कोविड-19 का देश के लोगों को किसी न किसी रूप में झटका लगेगा ही। जो लेाग शेयर बाजार में निवेश नहीं करते हैं, उनको भी इसका झटका लगेगा। ईपीएफओ शेयर बाजार में निवेश करता है। यहां पर उसे भारी झटका लगा है। इसके चलते स्थिति यह बन गई है कि वह वित्तीय वर्ष 2019-20 में तय ब्याज शायद ही दे पाए।
जानें कितना बड़ा लगा है झटका
हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इंप्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) को शेयर बाजार से बड़ा झटका लगा है। ईपीएफओ का करीब 95,000 करोड़ रुपये का निवेश शेयर बाजार में एक्सचेंज ट्रेडिड फंड (ईटीएफ) के माध्यम से है। शेयर बाजार में अचानक आई गिरावट के चलते यह पैसा फंस गया है। ऐसे में अब तय ब्याज का भुगतान करने में दिक्कत आ सकती है।
कितना देना है ब्याज
इंप्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के 8.50 फीसदी ब्याज देने की घोषणा कर रखी है। ईपीएफओ के करीब 6 करोड़ सदस्य हैं। शेयर बाजार की इस गिरावट के चलते अब सदस्यों को तय ब्याज मिलना कठिन दिख रहा है।
कहां हुई चूक
इंप्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) ने शेयर बाजार में पैसा लगाया है। 11 मार्च 2020 को डब्लूएचओ ने कोरोनावायरस यानी कोविड-19 को वैश्विक महामारी घोषित किया था। लेकिन इंप्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) इस बात का अंदाजा नहीं लगा पाया और अपना निवेश 11 मार्च के पहले नहीं निकाला। उसके बाद शेयर बाजार इतनी तेजी से गिरा कि फिर मौका ही नहीं मिला।
जानिए कब से शेयर बाजार में किया जा रहा है निवेश
इंप्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) 2015 से शेयर बाजार में निवेश कर रहा है। ईपीएफओ ने शुरुआत में अपने कुछ फंड का 5 फीसदी शेयर बाजार में लगाया था। बाद में इसे बढ़ाया गया। मई 2017 में इसे बढ़ा 15 फीसदी कर दिया गया है।


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