नयी दिल्ली। यूनिफाइड मोबाइल ऐप्लिकेशन फॉर न्यू-एज गवर्नेंस (UMANG) ईपीएफ ग्राहकों के बीच काफी पसंद किया गया है। उमंग ऐप से कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के बीच ईपीएफ ग्राहक घर बैठे सेवाओं का फायदा उठाते रहे। उमंग पर ईपीएफ से जुड़ी हुई 16 सेवाएं पहले से मौजूद हैं। अब ईपीएफओ ने इस लिस्ट में एक नयी सुविधा को शामिल किया है। नयी सुविधा के तहत अब ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) सदस्य उमंग ऐप पर कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत योजना प्रमाणपत्र के लिए अप्लाई कर सकेंगे। ये योजना प्रमाण पत्र उन सदस्यों को जारी किया जाता है जो अपना ईपीएफ में किया गया योगदान वापस लेते हैं लेकिन रिटायरमेंट की उम्र होने पर पेंशन लाभ हासिल करने के लिए ईपीएफओ के साथ अपनी सदस्यता बरकरार रखना चाहते हैं।
मिलेगा बड़ा फायदा
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने बताया कि इस सुविधा से ईपीएफ खाताधारकों को ईपीएफओ सदस्यता खत्म किए बिना अपना ईपीएस योगदान वापस लेने में मदद मिलेगी। ईपीएस का पैसा निकाल लेने के बाद भी ईपीएस खाताधारकों को पेंशन का लाभ मिलेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक सदस्य तभी पेंशन लेने का हकदार होता है, जब वह कम से कम 10 वर्षों के लिए कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 1995 का सदस्य रहा हो।
क्या होता है सर्टिफिकेट का फायदा
बात योजना सर्टिफिकेट करें तो बता दें कि नई नौकरी शुरू करने के बाद इस सर्टिफिकेट से सुनिश्चित होता है कि पिछली पेंशन वाली सर्विस को नए कंपनी के साथ पेंशन वाली सर्विस में शामिल कर लिया जाए। इससे नौकरी करने वाले के पेंशन लाभ में बढ़ोतरी होती है। साथ ही अगर लाभार्थी की मृत्यु हो जाए तो यही सर्टिफिकेट परिवार को पेंशन हासिल करने में भी मदद करता है।
नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर
उमंग ऐप पर इस स्कीम सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करना काफी आसान होगा। सबस अच्छी बात ये है कि आपका समय नहीं खर्च होगा क्योंकि आपको ईपीएफओ ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे। दूसरी बात मौजूदा कोरोना संकट को देखते हुए आप अपने घर से ही सुरक्षित तरीके से स्कीम सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर सकेंगे। इससे कागजी प्रोसेस का झंझट भी खत्म होगा।
करोड़ों लोगों को होगा फायदा
ईपीएफओ का अनुमान है कि उमंग ऐप पर शुरू की गयी नयी स्कीम से लगभग 5.89 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचेगा। ध्यान रहे कि उमंग ऐप पर उपलब्ध सुविधाओं का फायदा लेने के लिए आपके पास एक्टिव यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) और ईपीएफओ में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर होना जरूरी है। इसके बिना आप उमंग ऐप की सुविधाओं का फायदा नहीं ले सकेंगे।
जबरदस्त हिट रही उमंग ऐप
भारत में उमंग ऐप की शुरुआत नवंबर 2017 में हुई थी। इस ऐप पर कई अलग-अलग स्कीमों की सेवाएं मिलती है। मगर ज्यादातर लोग ईपीएफओ से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण के लिए अगस्त 2019 के बाद से ऐप को 47.3 करोड़ हिट्स मिले, जिनमें 41.6 करोड़ (88 फीसदी) ईपीएफओ सेवाओं के लिए हैं। ये ऐप भारत में 13 भाषाओं में मौजूद है। इस उमंग ऐप को नई दिल्ली में साइबरस्पेस पर वैश्विक सम्मेलन के पांचवें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था।


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