नई दिल्ली, अप्रैल 11। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने निजी क्षेत्र के उन कर्मचारियों के लिए टैक्स कटौती के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं जिनका रिटायरमेंट बचत खाते में सालाना 2.50 लाख रुपये से अधिक का योगदान रहता है। ईपीएफओ ने एक सर्कुलर में कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए ईपीएफ योगदान के लिए टैक्सेशन सीमा सालाना 5 लाख रुपये होगी। यह टैक्सेशन सिस्टम इस साल 1 अप्रैल से लागू हो गया है। पूरे भारत में कर्मचारियों के लिए ईपीएफ खाता खोलना अनिवार्य है।
कब कटेगा टीडीएस
सर्कुलर में कहा गया है कि जब ईपीएफ खाते में ब्याज का भुगतान किया जाएगा तो टीडीएस काट लिया जाएगा। उन लंबित फाइनल सेटलमेंट या ट्रांसफर के लिए, अंतिम निपटान के दौरान बाद की तारीख में टीडीएस काट लिया जाएगा। जिन लोगों ने अपने पैन को अपने ईपीएफ खातों में लिंक नहीं किया है, उनके लिए नियम यह होगा कि 2.5 लाख रुपये से अधिक के योगदान पर उनकी वार्षिक आय से 20% टैक्स लिया जाएगा। जिन लोगों ने अपने ईपीएफ खातों को अपने पैन से जोड़ा है, उन पर 10% की दर से टैक्स लगेगा।
कब नहीं कटेगा टीडीएस
सर्कुलर के अनुसार, ईपीएफओ ऐसे सभी सदस्यों के लिए एक नॉन-टैक्सेबल खाता और टैक्सेबल खाता मैंटेन करेगा, जो 2.5 लाख रु से अधिक का योगदान करते हैं। यदि गणना किया गया टीडीएस 5,000 रु से कम हो, तो ऐसे ईपीएफ खातों में जमा ब्याज से कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा। भारत में एक्टिव ईपीएफ खातों वाले एक्स-पैट (प्रवासी, या एक्स-पैट, वे व्यक्ति होता है जो उस देश के अलावा जिसमें उसकी नागरिकता है, किसी अन्य देश में रह रहा है और/या काम कर रहा है, अक्सर अस्थायी रूप से और काम के कारणों से) और अनिवासी कर्मचारियों के लिए, भारत और संबंधित देश के बीच दोहरे कराधान से बचाव समझौते की आवश्यकताओं के अनुसार 30% की रेट से कर लगाया जाएगा।
किसी की मृत्यु हो जाए तो
टीडीएस सभी ईपीएफओ सदस्यों, विशेष रूप से छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों या छूट प्राप्त ट्रस्टों के सदस्यों पर भी लागू होगा। ईपीएफओ सदस्य की मृत्यु की स्थिति में, टीडीएस दर अपरिवर्तित रहेगी। ईपीएफ खातों में धनराशि पर अर्जित ब्याज सालाना आधार पर जमा किया जाता है। हालांकि खातों के लिए उनकी गणना मासिक आधार पर की जाती है। इसलिए यदि पूरे वित्तीय वर्ष में कोई ट्रांसफर या फाइनल सेटलमेंट नहीं किया जाता है, तो ब्याज का भुगतान करने पर टीडीएस काट लिया जाएगा। ईपीएफओ के पास अब अपने सदस्यों के 24.77 करोड़ खाते हैं, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े ग्राहकधारकों में से एक बनाता है।
इनकम टैक्स फॉर्म हो गए जारी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आय की रिटर्न दाखिल करने के लिए आकलन वर्ष 2022-23 के लिए नए आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म नोटिफाइड किए हैं। जबकि वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होता है और 31 मार्च को समाप्त होता है, एक आकलन (एसेसमेंट) वर्ष वह वर्ष होता है जो उस वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष) के तुरंत बाद होता है जिसमें आय अर्जित की गई थी। यानी वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आकलन वर्ष 2022-23 होगा। सीबीडीटी ने अब तक आईटीआर फॉर्म 1 से आईटीआर फॉर्म 6 तक नए आईटीआर फॉर्मों को अधिसूचित किया है।
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