नई दिल्ली, सितंबर 21। कर्मचारी भविष्य निधि संगठ (ईपीएफओ) संगठित क्षेत्र में नौकरी करने वाले करोड़ो लोगों को तमाम तरह की सुविधाएं देता है। सरकारी डाटा के मुताबिक वर्तमान में 4.50 करोड़ से ज्यादा लोग ईपीएफओ के सदस्य हैं। नौकरी करने वाले लोगों के सैलरी से एक छोटा हिस्सा पीएफ के रुप में कटता है। बहुत कम लोगों को यह पता है कि उकने पीएफ खाते पर 7 लाख रुपए तक लाइफ कवर मिलता है। चलिए आपकों इसके डिटेल बताते हैं। सभी ईपीएफओ के सदस्य इंप्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (ईडीएलआई) 1976 के तहत बीमा कवर के हकदार होते हैं। अगर नौकरी के समय ही किसी कर्मचारी की मौत हो जाती है तो उसके नॉमिनी को इस योजना के मुताबिक 7 लाख रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी।
ईडीएलआई योजना में निवेश होता है पैसा
ईडीएलआई योजना के नियम के मुताबिक अगर किसी कर्मचारी कि नौकरी करने के दौरान मृत्यू हो जाती है तो उसके परिवार को आर्थिक मदद कि जाएगी। ईडीएलआई के तहत मिलने वाला कवर कर्मचारी के पिछले 12 महीनों की वेतन पर निर्भर करता है। हर महीने कर्मचारी के मुल वेतन से पीएफ में जो पैसा जमा होता है उसका कुछ हिस्सा ईडीएलआई में भी निवेश होता है। पीएफ के तहत कुल जमा होने वाली राशि का 8.33 प्रतिशत हिस्सा ईपीएस में, 3.67 प्रतिशत ईपीएफ में और 0.5 प्रतिशत ईडीएलआई योजना में निवेश किया जाता है। बहुत ही कम लोगों को इंश्योरेंस स्कीम के विषय में पता होता है।
कोरोना से मौत पर भी कर सकते हैं क्लेम
ईडीएलआई स्कीम के मुताबिक कर्मचारी की बिमारी, एक्सिडेंट या फिर स्वाभाविक मृत्यु की स्थिति में बिमा मिल सकता है। अगर किसी कर्मचारि को कोविड के कारण से मृत्यु होती है तो परिजरनों को 7 लाख रुपए का बीमा कवर मिल सकता है।
एममुश्त मिलता है पैसा
कर्मचारी की किसी कारण से मौत के बाद नॉमिनी को बीमा कवर के लिए दावा करना होता है। बीमा कवर का पैसा नॉमिनी को एकमुश्त मिलता है। अगर किसी कर्मचारी ने नॉमिनी मेंशन नहीं किया है तो कानूनी उत्तराधिकारी बीमा कवर का लाभार्थी होता है। अगर आपका पीएफ कटता है तो इस स्कीम से जुड़ने के लिए अलग से कुछ नहीं किया जाता है। बस आपकों अपने पीएफ खाते का ई-नामिनेशन कराना होता है।


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