PF Account New Rule Kya Hai: आपको बताते चलें कि एम्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन ने व्यक्तिगत या प्रतिष्ठान खातों को फ्रीज और डी-फ्रीज करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेशन का सेट लॉन्च किया है। ईपीएफओ ने वेरीफिकेशन के लिए सदस्य आईडी, यूनीवर्सल अकाउंट नंबर या प्रतीष्ठानों को फ्रीज करने के लिए एक नई समय सीमा तय की गई है। इसका मकसद होने वाली धोखाधड़ी को रोकना है।
ईपीएफओ द्वारा जारी की गई एसओपी के मुताबिक, फ्रीज किए खातों का सत्यापन 30 दिन तक कराया जा सकता है। हालाकिं, इस समय-सीमा को बाद में 14 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। ईपीएफओ के इस कदम से पैसों की सुरक्षा, धोखाधड़ी और अनधिकृत विड्राल को रोकने मे मदद मिल सकती है।

आपको बताते चलें ईपीएफओ के मुताबिक उसकी प्रॉयॉरिटी अकाउंट में जमा पैसों की सुरक्षा करना है। अगर फ्रॉड यानी धोखाधड़ी का कोई भी चांस नजर आता है तो तुरंत यूनीवर्सल अकाउंट नंबर और एमआईडी पर रोक लगा दी जाएगी। जिससे कोई भी धोखे से पैसे नहीं निकाल सकता है।
गौरतलब है कि ईपीएफओ से कर्मचारी भविष्य निधी, कर्मचारी पेंशन योजना और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना के जरिए 6 करोड़ से अधिक लोग इससे जुड़े हुए हैं।
यही कारण है कि इस ऑर्गेनाइजेशन ने खातों की सुरक्षा के लिए कई दूसरे उपाय पर किए हैं। इसके लिए ईपीएफओ ने मेंबर की आईडी और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के लिए वेरिफिकेशन की कई लेयर्स का भी इस्तेमाल किया गया है। इससे संदिग्ध खातों या लेनदेन के मामलों कोपहचान करने में आसानी हो सकती है। इसके अलावा डुप्लीकेट और धोखाधड़ी वाले विड्रॉल को रोकने में भी काफी असरकारक हो सकते हैं और इसे आपके पैसे की सिक्योरिटी का एश्योरेंस मिलता है।
एम्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार अगर किसी भी तरह की धोखाधड़ी या फिर इरेगुलेरिटी यानी अनियमित की कोई भी शिकायत मिलती है तो ऑर्गनाइजेशन के द्वारा इस पर तुरंत एक्शन लिया जाता है। किसी भी तरह के धोखाधड़ी वाले मामले में एम्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन आधिकारिक मुकदमा दर्ज करा सकता है इसके अलावा जो भी गलती या कमी सामने आती है, उसके लिए फील्ड ऑफिस के ऑफिसर की सारी जिम्मेदार होगी।
दरअसल ईपीएफओ अपने 6 करोड़ ग्राहकों सुरक्षा देने के लिए काफी सीरियस है। यही कारण है कि उसने नई एसओपी लाई है जिसमें वेरीफिकेशन के साथ अकाउंट को फ्रिज और डी फ्रीज करने के टाइम में भी बदलाव किया गया है।
आपको बताते चलें की ईपीएफओ द्वारा धोखाधड़ी से निकल गए पैसे की वसूली के लिए भी योजना तैयार की गई है। एसओपी के अनुसार अगर कोई धोखाधड़ी से पैसे निकाल लेता है तो, इस मामले में बेईमानी से निकल गए पैसे को संबंधित रीजनल ऑफिस द्वारा अमाउंट को निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा वहीं क्षेत्रीय कार्यालय पूरे पैसों की वसूली ब्याज सहित करेगा। वसूली के बाद जो भी पैसे वापस आ जाते हैं उन्हें मेंबर के खाते में वापस जमा कर दिया जाएगा।
ईपीएफओ की यह एसओपी काफी कारगर लग रही है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि इसमें पैसे वापस लाने के लिए भी पूरा प्लेन रेडी किया गया है। उम्मीद है इससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी और अगर कोई भी आपके खाते से धोखे से पैसे निकलता है तो उसे पर तुरंत कर्रवाई भी की जा सकेगी।


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