EPFO: क्या आप भी (EPFO) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से फायदा उठाते हैं। तो आपके लिए ये जानकारी जानना बहुत जरूरी हो सकती है, जी हां EPFO ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ज्यादा पेंशन देने का काम शुरू कर दिया है। लेकिन लगभग 5 लाख लोग ज्यादा पेंशन का फायदा नहीं ले पाएंगे, आखिर क्यों उनकी हाई पेंशन की एप्लीकेशन रिजेक्ट होने की संभावना हैं। चलिए आपको बताते हैं क्या है वजह।

आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट ने EPFO को नवंबर 2022 में आदेश दिया था कि ईपीएफहोल्डर्स को अधिक पेंशन का विकल्प उपलब्ध कराया जाए। हालांकि, कोर्ट के आदेश के बाद ईपीएफओ ने नए नियम बनाए और इसके बाद पेमेंट ऑर्डर जारी करने का काम चालू कर दिया है।
इस आदेश के बाद ईपीएफओ ने अभी तक हाई पेंशन के 21000 से ज्यादा पेमेंट ऑर्डर रिलीज कर दिए हैं। वहीं, अभी 1.65 लाख लोगों के पेमेंट ऑर्डर जारी होने की कयास है। ईपीएफओधारियों में लगभग 5 लाख लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद नहीं है।
ट्रस्ट-बेस एम्प्लॉयर और उनकी चुनौतियां
ईपीएफओ ने इस बात पर रौशनी डाली है कि बहुत से ग्राहक ऐसे कंपनी के लिए काम करते हैं जो स्वतंत्र रूप से भविष्य निधि और पेंशन फंड का मेनेजमेंट करते हैं। ये खास तौर से ट्रस्ट-बेस कंपनियां हैं जिन्हें ईपीएफओ द्वारा फंड मेनेजमेंट नियमों से छूट दी गई है। इन ऑर्गनाइजेशन के कर्मचारी अस्पष्ट नियमों के कारण हाई पेंशन योजना का फायदा नहीं उठा सकते हैं।
हाई पेंशन के लिए ऐलिजिबिलिटी
ईपीएफओ के तहत हाई पेंशन के लिए योग्यताओं प्राप्त करने के लिए सदस्यता 1 सितंबर 2014 के बाद शुरू होनी चाहिए या फिर आप पहले से ही सदस्य हैं तो इस तारीख के बाद भी जारी रहनी चाहिए। सरकार ने लोकसभा में खुलासा किया कि कई पेंशनभोगियों ने बढ़ी हुई पेंशन के लिए कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (ईपीएस-95) के तहत आवेदन किया है।
मौजूदा आवेदन स्थिति और भविष्य की संभावनाएं
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 7.21 लाख से ज़्यादा कर्मचारियों ने हाई पेंशन की मांग की है। हालांकि, ट्रस्ट-बेस एम्प्लॉयर से संबंधित रेगुलेटरीअस्पष्टताओं के कारण इनमें से 5 लाख से ज़्यादा आवेदन खारिज किए जा सकते हैं। यह कुल प्राप्त आवेदनों का लगभग 65% है।
ईपीएफओ को हाई पेंशन के लिए कुल 17,48,768 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जनवरी 2025 तक, बढ़ी हुई पेंशन के लिए आवश्यक अतिरिक्त राशि जमा करने के लिए 1,65,621 मामलों में डिमांड नोटिस भेजे गए। यह चल रही प्रक्रिया न्यायालय के निर्देश को सही ढंग से लागू करने में ईपीएफओ द्वारा की गई प्रगति और चुनौतियों दोनों को दर्शाती है।
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