ईपीएफओ से जुड़े वेतनभोगियों को जल्द बड़ा झटका लग सकता है । जी हां पीएफ की ब्याज दरें घटने का अनुमान लगाया जा रहा है।
नई दिल्ली: ईपीएफओ से जुड़े वेतनभोगियों को जल्द बड़ा झटका लग सकता है । जी हां पीएफ की ब्याज दरें घटने का अनुमान लगाया जा रहा है। मालूम हो हाल ही में खबरें आई हैं कि इस वित्त वर्ष में ब्याज दर में 15 से 25 बेसिस पॉइंट्स की कमी की जा सकती है। ऐसे में अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों के पीएफ खाते में जमा गाढ़ी कमाई पर अपेक्षाकृत कम रिटर्न मिलेगा।

सैलरी का एक हिस्सा ईपीएफओ में निवेश
आप इस बात से बखूबी अवगत होंगे कि लाखों वेतनभोगी को नियमित तौर पर अपनी सैलरी का एक हिस्सा ईपीएफओ के पास निवेश करना पड़ता है। भविष्य के लिए जमा की जाने वाली इस धनराशि पर उसे साल के आखिर में ब्याज मिलता है। अगर अटकलें सही साबित हुईं तो 31 मार्च 2020 को खत्म होने वाले वित्त वर्ष से पहले झटका लग सकता है। बता दें कि ईपीएफओ ने 2018-19 में 8.65 प्रतिशत के दर से ब्याज दिया है।
महीने के आखिर तक ईपीएफओ की सालाना दर का हो सकता ऐलान
मिली जानकारी के मुताबिक सरकारी कर्मचारियों के हवाले से आशंका जताई गई है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती, कर्ज बाजार में घटते रिटर्न आदि वजहों से कर्मचारियों को झटका देने वाला फैसला लिया जा सकता है। ऐसे में अगर ब्याज दरों में 15 से 25 बेसिस पॉइंट की भी कमी की गई तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। कहा जा रहा है कि इस महीने के आखिर तक ईपीएफओ की सालाना दर का ऐलान किया जा सकता है। बता दें कि 2018-19 में 8.65 प्रतिशत की दर से भुगतान करने के बाद ईपीएफओ के पास 151 करोड़ रुपये की सरप्लस रकम बची थी। वहीं, 2017-18 में भुगतान के बाद यह सरप्लस रकम 586 करोड़ रुपये थी।


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