Budget 2025: 1 फरवरी को आने वाला है आम बजट जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। इस बजट से लाखों करोड़ों लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं कि उन्हे इस बजट से फायदा मिलने वाला है। वहीं इसी कड़ी में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के कई ग्राहक भी अच्छी उम्मीदें लगाएं बैठे है कि उन्हे भी इस बजट से अच्छी खबर मिलने वाली है।

कर्मचारी समूहों ने सरकार से ईपीएफओ पेंशन योजना के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपए से बढ़ाकर 7,500 रुपए मासिक करने का आग्रह किया है। ईपीएस-1995 योजना वर्तमान में 1,000 रुपए प्रति माह की न्यूनतम पेंशन प्रदान करती है। वृद्धि की चल रही मांगों के बावजूद, 2014 से यह राशि अपरिवर्तित रही है। रिपोर्ट बताती है कि सरकार जल्द ही इस न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाने पर विचार कर सकती है।
मांगें और प्रस्ताव
10 जनवरी, 2025 को EPS-95 पेंशनभोगियों के एक समूह ने वित्त मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। उन्होंने न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपए और पेंशनभोगियों तथा उनके जीवनसाथी दोनों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने सभी पेंशनभोगियों के लिए फ्री चिकित्सा सुविधा का अनुरोध किया।
आपको पता होना चाहिए कुछ ट्रेड यूनियनों ने न्यूनतम पेंशन को घटाकर 5,000 रुपए प्रति माह करने का सुझाव दिया है, वहीं ईपीएस-95 आंदोलन समिति इस विचार का विरोध करती है। उनका कहना है कि इतनी राशि पेंशनभोगियों की बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।
ईपीएफ ग्राहकों पर प्रभाव
अगर न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपए करने का प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो इससे बड़ी संख्या में जुड़े ईपीएफओ ग्राहकों को डायरेक्ट फायदा मिलेगा। यह बदलाव पूरे भारत में बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए वित्तीय सुरक्षा और सम्मान को काफी हद तक बढ़ा सकता है।
ईपीएफ सब्सक्राइबर हर महीने अपने मूल वेतन का 12% प्रोविडेंट फंड में जमा करते हैं। नियोक्ता इस योगदान को दो भागों में बांटते हैं: 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) में जाता है, जबकि शेष हिस्सा कहीं और आवंटित किया जाता है।
संभावित लाभ
पेंशन में वृद्धि से करोड़ों लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि इससे उनके भविष्य निधि (पीएफ) में 3.67% की अतिरिक्त वृद्धि होगी। यह कदम रिटायर लोगों के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
आगामी बजट में समाज के अलग-अलग समूहों की वित्तीय स्थिति में सुधार के उद्देश्य से अन्य पहल भी शामिल हो सकती हैं। हालांकि, व्यक्तियों को इन घोषणाओं के आधार पर बाजार से संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श करना चाहिए।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 8 मार्च को चांदी खरीदने का प्लान है? जानें आज 1 किलो चांदी का भाव क्या है?

Gold Rate Today: 6 मार्च को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

CM Kisan Samman Yojana: राजस्थान किसानों के लिए अपडेट! कब आएगी 6वीं किस्त, ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: होली पर सस्ता हुआ सोना-चांदी का भाव, जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Gold Rate Today: 10 मार्च को कई दिनों बाद सोने की कीमतों में फिर आई तेजी, जानिए 24k, 22k 18k गोल्ड रेट

Gold Price Today: मिडिल ईस्ट जंग के बीच सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट



Click it and Unblock the Notifications