नयी दिल्ली। अगर आप कोरोनावायरस महामारी के चलते बेरोजगार हो गए हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि बड़ी संख्या में रोजगार के नए अवसर आने वाले हैं। दरअसल कोरोना महामारी के बावजूद मई और जुलाई के बीच जेवर हवाई अड्डे (यूपी के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित) के पास 69 फर्मों को औद्योगिक भूमि आवंटित की गई थी। अधिकारियों को यहां 2,300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की उम्मीद है। इतना ही नहीं क्षेत्र में 86,000 से अधिक नौकरियां जनरेट होने की भी उम्मीद है।
कितनी जमीन आवंटित हुई
पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (वाईईआईडीए) के अधिकारियों का कहना है कि तीन महीने की अवधि के दौरान इन फर्मों को 146.50 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है। हालांकि चालू वित्त वर्ष के पहले महीने अप्रैल में कोई औद्योगिक भूमि आवंटन नहीं की गई थी। मई में नौ फर्मों को 1,285.58 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ 37.50 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई थी, जिससे 5,996 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद थी। ये बात वाईईआईडीए के एक अधिकारी ने कहा है।
जून-जुलाई में कितनी जमीन की गई आवंटित
जून में 16 फर्मों को 315.70 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और 26,686 नौकरियां जनरेट होने की उम्मीद के साथ 25.88 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई थी। जुलाई के दौरान सबसे अधिक जमीन आवंटित की गई है। जुलाई में 744.93 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और 53,763 नौकरियों की उम्मीद के साथ 83.27 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। कुल मिलाकर, 69 फर्मों को मई, जून और जुलाई के दौरान आगामी जेवर हवाई अड्डे के पास सेक्टर 29, 32, 33 में औद्योगिक भूमि आवंटित की गई, जिसमें 2,388.11 करोड़ रुपये के निवेश और 86,445 नौकरियां जनरेट होने की उम्मीद है।
ये है यूपी सरकार की पहल
सेक्टर 29 को एक अपैरल पार्क परियोजना के लिए विकसित किया जा रहा है, जिसमें अधिकारियों के अनुसार रेडीमेड कपड़ों की कई फर्में होंगी। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट पहल के तहत रेडीमेड वस्त्र गौतम बौद्ध नगर के लिए प्रतिनिधि वस्तु हैं। इस बीच जेवर में अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के पहले चरण के लिए काम चल रहा है, जो 1,300 हेक्टेयर में फैला होगा और दो साल बाद चालू हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार हवाई अड्डे का विस्तार 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में किया जाएगा। 29,560 करोड़ रुपये की लागत से ये भारत की सबसे बड़ी विमानन परियोजना होगी।


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