Elon Musk Starlink: एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत के दूरसंचार विभाग (DoT) से ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस मिल गया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, 6 जून को एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने अपने लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) में तय की गई सभी सुरक्षा शर्तों को पूरा कर लिया है।

भारत में तीसरी सैटेलाइट कम्युनिकेशन (सैटकॉम) कंपनी बनेगी स्टारलिंक
इसके साथ ही स्टारलिंक, वनवेब और रिलायंस जियो के बाद भारत में सेवाएं देने वाली तीसरी सैटेलाइट कम्युनिकेशन (सैटकॉम) कंपनी बन गई है जिसे GMPCS लाइसेंस मिला है।
अधिकारी ने बताया कि स्टारलिंक को अगले दो हफ्तों के भीतर ट्रायल स्पेक्ट्रम मिल जाएगा। मनीकंट्रोल ने 5 जून को रिपोर्ट किया था कि स्टारलिंक को इसी महीने के भीतर अपना GMPCS लाइसेंस मिल जाएगा। अब स्पेसएक्स को भारत में स्टारलिंक की सेवाएं शुरू करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष नियामक संस्था In-SPACe से मंजूरी लेनी होगी। सूत्रों के मुताबिक, स्टारलिंक ने नए लाइसेंस की शर्तों के तहत जरूरी सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पहले ही जमा कर दी है और अन्य दिशा-निर्देशों को लेकर भी आवश्यक आश्वासन दिए हैं।
कंपनी का ये है प्लान
यह अहम कदम भारत में स्टारलिंक की हाई-स्पीड सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विसेस की शुरुआत को तेजी देगा। In-SPACe की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी को अस्थायी तौर पर स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट भी मिल जाएगा, जिससे वह अपनी सर्विसेस शुरू करने की दिशा में और आगे बढ़ सकेगी। स्टारलिंक, जो भारत में तीन गेटवे स्थापित करने की योजना बना रही है, पिछले तीन से चार साल से लाइसेंस का इंतजार कर रही थी।
सरकार ने स्पेसएक्स की स्टारलिंक सर्विस की जांच की और सख्त सुरक्षा स्टैंडर्ड्स को अनिवार्य किया है। इसमें कानूनी इंटरसेप्शन (Lawful Interception) की व्यवस्था और देश में स्थानीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना शामिल है। इस लाइसेंस का मिलना स्टारलिंक के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


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