Elon Musk Starlink News: एलन मस्क की कंपनी Starlink ने भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की तरफ एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी को भारत के दूरसंचार विभाग (DoT) से मंजूरी के तौर पर एक 'लेटर ऑफ इंटेंट' (LoI) मिला है। यह मंजूरी कई महीनों की चर्चा के बाद दी गई है। इसके पीछे वजह यह है कि Starlink ने हाल ही में भारत की नई सख्त सुरक्षा शर्तों को मान लिया है।

क्या है स्टारलिंक?
एलन मस्क की स्पेस कंपनी SpaceX का एक हिस्सा Starlink है, जो इंटरनेट सर्विस सैटेलाइट के जरिए प्रोवाइड करती है। ये सर्विस 7,000 से ज्यादा लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स के जरिए दी जाती है, और आने वाले सालों में 40,000 से भी ज्यादा हो सकती है। इससे दूर-दराज के इलाकों में भी एचडी वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉलिंग जैसे काम आसानी से हो सकते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नियमों को Starlink ने माना
बिजनेस टूडे के अनुसार, सूत्रों के मुताबिक, दूरसंचार विभाग (DoT) ने Starlink को मंजूरी (LoI) तब दी जब कंपनी ने 29 सुरक्षा से जुड़े नियमों को मान लिया। इनमें रीयल-टाइम टर्मिनल ट्रैकिंग, भारत में डेटा प्रोसेसिंग, कानूनी निगरानी (लीगल इंटरसेप्शन) की सुविधा और शुरुआती कुछ सालों में ग्राउंड सिस्टम का कम से कम 20% हिस्सा भारत में स्थापित करना शामिल है। Starlink की यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब देश में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर "ऑपरेशन सिंदूर" चलाया गया। भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में सीमा पार आतंकवादी ठिकानों पर बड़ा एक्शन लिया था। हालांकि, DoT के अधिकारियों ने साफ किया कि Starlink को मिली मंजूरी का इन सैन्य घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं है।
Starlink की सर्विस भारतीय यूजर्स के लिए कितनी महंगी होंगी?
भारत सरकार मंजूरी मिलने के बाद अब यूजर्स को ये जानना है कि आखिर Starlink की सर्विस भारतीय यूजर्स के लिए कितनी महंगी होंगी। बिजनेस टूडे रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी मंथली सब्सक्रिप्शन फीस ₹3,000 से ₹7,000 के बीच हो सकती है, जो प्लान और एरिया पर निर्भर करेगा। साथ ही, एक बार में लगने वाली लागत में सैटेलाइट डिश और वाई-फाई राउटर वाला यूजर टर्मिनल किट शामिल है जोकि लगभग ₹20,000 से ₹35,000 तक हो सकती है।
यह प्राइस भारत के बाकि ब्रॉडबैंड प्लानों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं, जहां एवरेज मंथली खर्च लगभग ₹500 होता है। इसलिए शुरुआत में Starlink की सर्विस लेने वाले मुख्य रूप से वे लोग या संस्थान होंगे जो दूर-दराज या इंटरनेट का कम यूज करने वाले इलाकों में हैं। हालांकि कीमतें ज्यादा हैं, एनेलिस्ट्स का मानना है कि Starlink भारत के ग्रामीण इलाकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इसकी हाई-स्पीड और कम देरी वाली सर्विस उन जगहों पर भी डिजिटल कनेक्टिविटी दे सकती है जहां फाइबर बिछाना या टावर लगाना संभव नहीं है।
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