Power crisis will end soon in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में लोगों को पॉवर कट से जूझना पड़ता है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि यूपी में बिजली की आपूर्ति कम है और मांग ज्यादा। यही कारण है कि अक्सर प्रदेश के कई इलाकों में बिजली कट का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा यूपी में तेजी से हो रहे आर्थिक विकास के चलते भी बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए राज्य सरकार तेजी से बिजली का उत्पादन बढ़ाने की तरफ ध्यान दे रही है।

यूपी में बिजली का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी गंभीरता से प्रयास शुरू हो गए हैं। योगी सरकार का प्रयास है कि इसी साल दिसंबर तक 2640 मेगावाट बिजली का उत्पादन बढ़ जाए। इसके लिए ओबरा, जवाहरपुर और पनकी तापीय परियोजनाओं के कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। भीषण गर्मी में तो मांग 26,000 मेगावाट के भी ऊपर पहुंच रही है। मांग के मुताबिक बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, इसके लिए निर्माणाधीन तापीय परियोजनाओं के कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज अब खुद परियोजना स्थल पर बैठकें कर रहे हैं।
देवराज का कहना है कि ओबरा तापीय परियोजना की 660 मेगावाट की एक यूनिट से जून अंत तक उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसी तरह 1500 करोड़ रुपये की जवाहरपुर तापीय परियोजना की निर्माणाधीन 660 मेगावाट की एक यूनिट से उत्पादन तो 15 जुलाई से शुरू हो जाएगा। वहीं दूसरी यूनिट से भी वर्ष अंत तक उत्पादन होने लगेगा। गौरतलब है कि काम में ढिलाई न बरती गई होती तो पहली यूनिट से उत्पादन अप्रैल में ही शुरू हो जाता।
देवराज ने बताया कि कानपुर की पनकी तापीय परियोजना की 660 मेगावाट की निर्माणाधीन यूनिट के काम को भी तेजी से पूरा कर दिसंबर तक उससे भी उत्पादन शुरू हो जाएगा। हालांकि, पूर्व में यूनिट से बिजली का उत्पादन जुलाई में ही शुरू होने का लक्ष्य तय किया गया था। अध्यक्ष ने बताया कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। कार्य कर रही संस्थाओं को नियमित भुगतान की व्यवस्था भी बनाई गई है ताकि कार्य न रुकने पाए।


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