
Electric Vehicle : जो लोग इनकम टैक्स स्लैब में आते हैं, वे इस समय अपनी टैक्स देनदारी को कम करने के लिए अलग-अलग विकल्पों की तलाश कर रहे होंगे। असल में वित्तीय वर्ष का अंत करीब आ रहा है और ये समय टैक्सपेयर्स के ऐसे ही ऑप्शनों की तलाश करने का है। इस काम में इलेक्ट्रिक व्हीकल भी आपकी मदद कर सकता है। आगे जानिए कैसे।
पुरानी टैक्स व्यवस्था के फायदे
जो लोग पुरानी टैक्स व्यवस्था के अंतर्गत आते हैं, उनके लिए टैक्स बचाने और इस बचत को अधिकतम करने के लिए कई ऑप्शन मौजूद हैं। पुरानी टैक्स व्यवस्था में जो अच्छे ऑप्शन मौजूद हैं, उनमें धारा 80 सी और धारा 10 (डी) के तहत जीवन बीमा (1.5 लाख रुपये), धारा 80 सी के तहत पीपीएफ (1.5 लाख रुपये) और धारा 10 (डी) के तहत एनपीएस (1.5 लाख रुपये), पेंशन, वरिष्ठ नागरिक बचत योजनाएं और ईएलएसए फंड आदि शामिल हैं।
टैक्स स्ट्रक्चर है अहम
यह याद रखना जरूरी है कि आप जिस टैक्स स्ट्रक्चर को चुनेंगे, उससे आपकी कटौतियों पर असर पड़ेगा यानी उसी हिसाब से आपको टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलेगा। सरकार ने 7 लाख रुपये तक की सालाना इनकम वालों के लिए को कोई टैक्स न देने की घोषणा की। बजट 2023-24 में नई टैक्स व्यवस्था के तहत ये घोषणा की गई थी।
इलेक्ट्रिक व्हीकल पर टैक्स सेविंग्स
हालांकि बजट में पुरानी टैक्स व्यवस्था वालों के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया। पुरानी व्यवस्था एचआरए जैसे निवेश और खर्च पर टैक्स छूट और डिडक्शन का फायदा दिलाती है। बता दें कि कई टैक्स सेविंग्स निवेश ऑप्शनों में से एक है इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदना। ईवी खरीदकर भी टैक्स लायबिलिटी को कम किया जा सकता है।
कैसे मिलता है फायदा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि धारा 80 ईईबी के तहत यदि आप इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए लोन लेते हैं, तो उसके ब्याज भुगतान पर 1,50,000 रुपये तक की टैक्स कटौती का क्लेम किया जा सकता है। इस कटौती का पात्र होने के लिए आपका लोन 1 अप्रैल 2019 और 31 मार्च 2023 के बीच पास होना चाहिए।
जानिए 80 ईईबी की बाकी डिटेल
केंद्रीय बजट 2019 में सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव का ऐलान किया था। उसमें निर्धारण वर्ष (एसेसमेंट ईयर) 2020-21 से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए लिए गए लोन के ब्याज में टैक्स कटौती की सुविधा दी गई। ये छूट व्यक्तिगत करदाताओं (इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स) के लिए लागू है। ईवी आप चाहे अपने यूज के लिए खरीदें या फिर बिजनेस यूज के लिए। लोन 1 अप्रैल 2019 और 31 मार्च 2023 के बीच पास होना चाहिए। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिथियम बैटरी पर कस्टम ड्यूटी 21 फीसदी से घटाकर 13 फीसदी कर दी। लिथियम बैटरी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने, वायरलेस हेडफ़ोन, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रिकल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स जैसे कई प्रोडक्ट में किया जाता है। वहीं ईवी में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों के लिए लीथियम और आयन सेल के लिए जरूरी कैपिटल गुड्स और मशीनरी के आयात पर सीमा शुल्क में भी छूट दी गई। इस कदम से ईवी के सस्ते होने की संभावना है।


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