नई दिल्ली, जुलाई 04। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को लागू कर दिया है। नए इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी को लागू करने की घोषणा के साथ ही सरकार ने वर्ष 2022 को इलेक्ट्रिक वाहनों का साल बताया है। हरियाणा गवर्नमेंट ने कहा कि नए इलेक्ट्रिक वाहन नीति का लक्ष्य प्रदेश में कार्बनिक प्रदूषण को कम करना है। सरकार हरियाणा को देश का इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहती है। नई नीति प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित स्किल को बढ़ावा देगी, हम हरियाणा में वर्ल्ड क्लास चार्जिंग सेंटर को बढ़ावा देंगे। सरकार ने एक प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी।
स्टेट की बसें होंगी इलेक्ट्रिक
हरियाणा सरकार के नए इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी के अनुसार प्रदेश की सारी सरकारी बसें 2030 तक इलेक्ट्रिक या नॉन पेट्रोल-डीजल ईंधन से चलेंगी। प्रदेश के दो मॉडल शहर गुरुग्राम और फरीदाबाद को मॉडल इलेक्ट्रिक शहर घोषित किया जाएगा।
ईवी के प्रयोग को सरकार देगी बढ़ावा
डेवलप करेगी। शहरों में टाउन और कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट बड़ी बिल्डिंग और कॉमर्शियल कॉलोनी में मांस लेबल चार्जिंग प्वाइंट बनाएगी। मॉल और मेट्रो स्टेशन पर भी चार्जिंग की व्यवस्था की जाएगी।
कंपनियों की दी जाएगी सहूलियत
प्रदेश के ऑटोमोबाइल्स मैनुफैक्चरर को इलेक्ट्रिक वाहन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार कंपनियों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट, स्टांप ड्यूटी आदि इंसेंटिव के रूप में देगी। सरकार नया मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने वाली कंपनी को स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट देगी। कंपनियों को इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी भारी छूट दी जाएगी। कंपनियों को कैपिटल के तौर पर भी सरकार से ग्रैंट मिलेगा।
बैट्री डिस्पोजल सेंटर पर मिलेगी सब्सिडी
सरकार कंपनियों को 20 फीसदी तक सब्सिडी कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर गीइ। कंपनियों को सब्सिडी के साथ-साथ सरकार छोटे स्टार्टअप को भी सब्सिडी देगी। जो भी कंपनियां बैटरी डिस्पोजल सेंटर लगाना चाहेंगी उनको सरकार उनके इनवेस्टमेंट का 15 फीसदी सब्सिडी देगी। यह सब्सिडी 1 करोड़ रुपए तक की हो सकती है।


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