ED news: ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट को लेकर बड़ी खबर है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज इन ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ-साथ संबंधित संस्थाओं पर देशभर में छापेमारी की. इसकी जानकारी न्यूज18 की एक रिपोर्ट में दी गई है. सर्च में अप्पारियो रिटेल, श्रेयश रिटेल, दर्शिता रिटेल और आशियाना रिटेल जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो इन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ी हैं.
देशभर में ईडी की छापेमारी
रिपोर्ट के मुताबिक यह छापेमारी दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों समेत देशभर में 21 लोकेशन पर की गई. फिलहाल ईडी का सर्च जारी है. ई-कॉमर्स कंपनियों पर ईडी की ओर से जारी सर्च का यह मामला 50,000 करोड़ रुपए के विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन से जुड़ी है. हालांकि, मनीकंट्रोल की ओर से भेजे गए मेल पर फ्लिपकार्ट की ओर से इस पर रिस्पांस नहीं आया है. गुडरिटर्न्स इसकी पुष्टी नहीं करता है.
फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में हेरफेर का मामला
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) की रिपोर्ट के मुताबिक मामला फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन से जुड़ा हुआ है, जिसमें पसंदीदा वेंडर्स और सेलर्स अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे -ईकॉमर्स प्लैटफॉर्म के जरिए इस लेनदेन को अंजाम दे रहे. कथित तौर पर इन लेन-देन ने FEMA नियमों का उल्लंघन किया है.

बताते चलें कि ईडी की तलाशी कार्रवाई भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स सेक्टर में फाइनेंशियल नियमों का पालन सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है. इन लेन-देन की जांच करके, अधिकारियों का लक्ष्य संभावित विसंगतियों को दूर करना और मौजूदा कानूनों के अनुपालन को लागू करना है.
FEMA नियम क्या है?
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम यानी फेमा को देश में साल1999 में लागू किया गया था. इसमें केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही फॉरेन करेंसी या फॉरेन बॉन्ड्स में ट्रांजैक्शन की अनुमति दी गई है. इस नियम के तहत ऐसे अधिकृत डीलर, मनी चेंजर, फॉरेन बैंकिंग यूनिट या फिर कोई अन्य व्यक्ति जिसे उसी समय रिजर्व बैंक द्वारा प्राधिकृत किया गया हो, से है. दरअसल, फेमा का लक्ष्य फॉरेन ट्रेड और पेमेंट को आसान बनाने और फॉरेन करेंसी मार्केट को सेफ करना है.


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