आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है।
नई दिल्ली: आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी एवं सीईओ चंदा कोचर और उनके परिवार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की प्रॉपर्टी जब्त कर ली है। ईडी ने कुल 78 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है। इसमें कोचर का मुंबई स्थित फ्लैट और उनके पति की कुछ प्रॉपर्टीज शामिल है। इस बैंक का रखते हैं डेबिट या क्रेडिट कार्ड तो EMI ट्रांजैक्शन पर मिलेगी छूट ये भी पढ़ें

ED ने जब्त की 78 करोड़ की संपत्ति
बता दें कि जांच एजेंसी ने एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में यह कार्रवाई की है। जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत प्रॉपर्टी अटैच करने का प्रोविजनल आदेश दिया गया। इनमें कोचर का मुंबई स्थित घर उनके जुड़ी कंपनी की कुछ संपत्तियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जब्त की गई संपत्ति की बुक वैल्यू 78 करोड़ रुपये है। प्रवर्तन निदेशालय चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और अन्य के खिलाफ वीडियोकॉन समूह को लोन देने के मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अनियमितताओं की जांच कर रहा है।
चंदा कोचर को अक्टूबर 2018 में इस्तीफा देना पड़ा
वीडियोकॉन को लोन देने में कथित हेराफेरी के मामले में चंदा कोचर को अक्टूबर 2018 में इस्तीफा देना पड़ा था। आपको बता दें कि चंदा कोचर पर आरोप है कि आईसीआईसीआई बैंक से लोन लेने वाली वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज ने चंदा कोचर के पति की कंपनी में निवेश किया। इसमें अनियमितता और गड़बड़ी की शिकायत सामने आई. बता दें, चंदा कोचर ने अपने खिलाफ बैंक से जारी बर्खास्तगी के लेटर को बंबई हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने हाई कोर्ट से उस लेटर को वैध घोषित करने की मांग की है, जिसमें उन्होंने अक्टूबर 2018 में जल्दी रिटायरमेंट की घोषणा की थी और बैंक ने स्वीकार कर लिया था। जबकि चंदा कोचर के खिलाफ जारी जांच को देखते हुए पिछले साल फरवरी में बैंक ने उनहें बर्खास्तगी का लेटर भेजा।
जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला वीडियोकॉन ग्रुप को 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से मिले 3,250 करोड़ रुपये के लोन से जुड़ा है। यह लोन कुल 40 हजार करोड़ रुपये का एक हिस्सा था जिसे वीडियोकॉन ग्रुप ने एसबीआई के नेतृत्व में 20 बैंकों से लिया था। वहीं आरोप है कि वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने 2010 में 64 करोड़ रुपये न्यूपावर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (एनआरपीएल) को दिए थे, जिसे धूत ने दीपक कोचर और दो अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर खड़ा किया था।
More From GoodReturns

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट



Click it and Unblock the Notifications
