नई दिल्ली, दिसंबर 20। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु से अभिलाष थॉमस और सीए अंजार को गिरफ्तार किया है, जो इंडस विवा हेल्थ साइंस सर्विसेज के सह-संस्थापक और मालिक हैं। 1500 करोड़ रुपये के मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) घोटाले में उनकी गिरफ्तारी हुई है, जो लगभग दस लाख निवेशकों को धोखा देने से संबंधित है। ईडी ने गाचीबोवली पुलिस स्टेशन में साइबराबाद पुलिस के पास दर्ज एक मामले के आधार पर जांच शुरू की। साइबराबाद पुलिस ने मार्च 2021 में इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया था और 24 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्होंने कंपनी के उन बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है जिनमें करीब 20 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।

जानिए पूरा मामला
ईडी के अनुसार कंपनी एक अवैध पिरामिड टाइप स्ट्रक्चर वाले मल्टी-लेवल मार्केटिंग घोटाले से जुड़ी हुई है और डायरेक्ट सेलिंग बिजनेस की आड़ में काम कर रही है। कंपनी ने बड़ी संख्या में डिस्ट्रिब्यूटर्स को नियुक्त किया और कंपनी की कमीशन योजनाओं के बारे में मार्केटिंग की, जिसमें कहा गया कि सदस्य बनकर फौरन और आसान तरीके से पैसा बनाने का एक बड़ा मौका आपके पास है। इसमें किसी एक व्यक्ति को जोड़ कर उसे डिस्ट्रिब्यूटर बनाया जाता है, फिर उसके नीचे बायनरी तरीके से राइट और लेफ्ट साइड में और लोगों को जोड़ना होता है, जो अंत में एक पिरामिड जैसा बन जाता है।
ये है पूरा खेल
नए ग्राहकों द्वारा भुगतान किया जाने वाला सदस्यता शुल्क को पुराने ग्राहकों को कमीशन का भुगतान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। झूठे वादे और प्रलोभन देकर, कंपनी ने लगभग दस लाख सदस्यों को जोड़ा और 2014 में अपनी शुरुआत के बाद से लगभग 1500 करोड़ रुपये इकट्ठे किए। जांच के दौरान पाया गया कि सीए अंजार और अभिलाष थॉमस ने इंडुस विवा ग्रुप में सहायक कंपनियां बनाईं और इन यूनिट्स को पैसा दिया, और एकत्रित पैसे को अपने पर्सनल खातों में भी ट्रांसफर कर दिया।


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