केंद्र सरकार की ओर से बजट 2021-22 एक फरवरी को पेश किया जाना है। इससे पहले आज यानी शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2021 यानी इकोनॉमिक सर्वे को पेश की है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ओर से बजट 2021-22 एक फरवरी को पेश किया जाना है। इससे पहले आज यानी शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2021 यानी इकोनॉमिक सर्वे को पेश की है। इसमें कहा गया है कि देश की कंपनियां रिसर्च एंड डेवलपमेंट एक्टिविटीज पर ज्यादा खर्च करने के बजाय किसी तरह काम चलाने के 'जुगाड़' में लगी रहती हैं। जुगाड़ इनोवेशन पर निर्भरता से हम भविष्य के लिए इनोवेट करने का अहम मौका गंवा देंगे।

इस सर्वे के मुताबिक दुनिया की 10 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत की कंपनियों का रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खर्च सबसे कम है। यही कारण है कि सरकार को इस पर भारी खर्च करना पड़ रहा है। सर्वे के मुताबिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर भारत का खर्च जीडीपी का 0.65 फीसदी है जो दुनिया की टॉप 10 अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी कम है। ये देश रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर जीडीपी का 1.5 से 3 फीसदी तक खर्च करते हैं। इसकी वजह यह है कि भारत में बिजनस सेक्टर का इस पर खर्च बहुत कम है।
भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनमी
सर्वे में कहा गया है कि भारतीय कंपनियों को पेटेंट्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कहा गया है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनमी है और पेटेंट्स में भी उसकी हिस्सेदारी इसी के मुताबिक होनी चाहिए। इसमें कहा गया है कि अगर भारत को अपनी आर्थिक लक्ष्यों को पाना है तो उसे आरएंडडी पर ज्यादा खर्च करना होगा। सर्वे में कहा गया है कि भारत में आरएंडी एक्टिविटीज को बढ़ावा देने के लिए टैक्स इनसेंटिव्स का भी प्रावधान है लेकिन इसके बावजूद भारतीय कंपनियों का इस मामले में प्रदर्शन बहुत खराब है। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत की स्थिति में सुधार आया है लेकिन यह लोअर मिडल इनकम वाले देशों में वियतनाम से भी नीचे है। अब यह स्थिति बदलनी चाहिए क्योंकि भारत ने दुनिया की दिग्गज कंपनियों के लिए रेड कारपेट बिछाया है।
क्या है आर्थिक सर्वेक्षण
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आर्थिक सर्वेक्षण क्या है और और इसका क्या महत्व है। दरअसल, सरकार जो बजट पेश करती है वो आगामी वित्त वर्ष में सरकार किस मद में कितना खर्च करेगी उसका लेखा जोखा होता है। लेकिन सरकार ने इस वित्त वर्ष में कितना कहां खर्च किया इसका लेखा जोखा इकोनॉमिक सर्वे में होता है। या इसे यूं कहे कि आर्थिक सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था की सालाना आधिकारिक रिपोर्ट होती है। पहली बार देश का आर्थिक सर्वेक्षण 1950-51 में पेश किया गया था। 1964 से वित्त मंत्रालय बजट से एक दिन पहले सर्वेक्षण जारी करता आ रहा है।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications