नई दिल्ली, जनवरी 31। कल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश करेंगी। उससे पहले आज उन्होंने आज 2021-22 का इकोनॉमिक सर्वे संसद के पटल पर रखा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सर्वे में 2021-22 के बजट अनुमानों के आधार पर बताया गया कि इस वर्ष में सरकार का सैलेरी पर काफी अधिक पैसा खर्च हुआ। सर्वे में बताया गया कि 2021-22 में अनुमान से सैलेरी पर खर्च 22.9 फीसदी अधिक रहा। मगर इस दौरान सरकार का सब्सिडी पर काफी पैसा बचा। सब्सिडी बिल पर 51 फीसदी सरकारी पैसा बचा।

कितना हुआ खर्च
आंकड़ों के अनुसार 2020-21 में सैलेरी पर सरकार ने 2.05 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। वहीं 2021-22 में यही खर्च बढ़ कर 2.52 लाख करोड़ रुपये रहा। आपको बता दें कि पिछले साल कर्मचारियों को डीए सैलेरी में दिया गया था। मगर जनवरी 2020 से जून 2021 तक डीए का भुगतान नहीं किया गया था। कोरोना महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों को झटका लगा था, जिससे सरकार ने डीए पर रोक लगा दी थी। फिर पिछले साल जुलाई से डीए पर रोक हटाई गई।
सब्सिडी पर कितनी बचत
इकोनॉमिक सर्वे में बताया गया है कि 2021-22 में सरकार ने सब्सिडी बिल पर 51 फीसदी राशि की बचत की। 2021-22 के जो बजट अनुमान हैं, उनके अनुसार ये खर्च 3.35 लाख करोड़ रुपये हो सकता था। पर इसकी तुलना में 2020-21 में सब्सिडी बिल 6.90 लाख करोड़ रुपये था। इसी बीच रक्षा सेवाओ पर सरकारी खर्च बढ़ा। इसमें 3.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। ये 2.12 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है। पर पेंशन पर सरकारी खर्च बचा है। इसमें 9 फीसदी की कमी आई।
यहां बढ़ा खर्च
वहीं ब्याज भुगतान पर सरकार का खर्च बढ़ा है। इसमें 18.7 फीसदी की बढ़त हुई। ब्याज भुगतान पर सरकारी खर्च 8.10 लाख करोड़ रु पर रहा। ये 2020-21 में 6.82 लाख करोड़ रुपये था। सरकार के रेवेन्यू एक्सपेंडीचर (राजस्व व्यय) में गिरावट आई। इसमें 5.1 फीसदी की गिरावट आई। 2020-21 में यह 30.86 लाख करोड़ रुपये थे, जो 2021-22 में घट कर 29.29 लाख करोड़ रुपये पर आ गए।


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