Budget 2025 Economic Survey Hindi: 1 फरवरी को निर्माला सितारमण बजट 2025 पेश करने वाली है और उससे पहले इकोनॉमिक सर्वे भी पेश होगा। इकोनॉमिक सर्वे एक फाइनेंशियल डॉक्युमेंट होता है, जो बजट में अहम भूमिका निभाता है। आइए जानतें हैं कि इकोनॉमिक सर्वे कितने बजे पेश होगा और इससे जुड़ी कुछ अहम बातें।

क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे?
इकोनॉमिक सर्वे में, भारत के पिछले फाइनेंशियल ईयर के इकोनॉमिक ग्रोथ के साथ-साथ भविष्य में फाइनेंशियल ग्रोथ की संभावनाओं पर आधिकारिक नजरिए को पेश होता है। इकोनॉमिक सर्वे से ये जानकारी मिलती है कि पिछले फाइनेंशियल ईयर में किस सेक्टर से कितनी कमाई हुई है और किन सेक्टर्स में भविष्य में चुनौतियां आई है। साथ ही, इन्हें कैसे दूर किया जा सकता है। इसके अलावा भी कई प्वाइंट्स को इस सर्वे में जोड़ा जाता है।
कितने बजे पेश होगा इकोनॉमिक सर्वे?
बजट से ठीक एक दिन पहले ही इकोनॉमिक सर्वे को पेश किया जाता है। आज शुक्रवार दोपहर 12 से 1 बजे के बीच इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगा, जो बजट 2025 के लिए दिशा तय करेगा। इसके बाद चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर वी अनंत नागेश्वरन मीडिया को 2:30 पर एड्रेस करेंगे।
इकोनॉमिक सर्वे में कितने सेक्शन होते हैं?
इकोनॉमिक सर्वे में दो तरह के सेक्शन होते हैं। इसमें पहला सेक्शन देश की आर्थिक स्थिति की समीक्षा करता है और मौजूदा वित्तीय रुझानों पर केंद्रित होता है। इसके अलावा दूसरा भाग में शिक्षा, जलवायु, गरीबी, और कई अन्य मुद्दों को संबोधित किया जाता है। इसमें ट्रेड डेफिसिट, महंगाई, फॉरेन रिजर्व और बाकि प्वाइंट्स को शामिल किया जाता है।
कौन तैयार करता है इकोनॉमिक सर्वे?
Economic Survey का ड्राफ्ट चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर और वित्त मंत्रालय के अंदर बनाई गई की टीम मिलकर इसे तैयार करती है। इसे तैयार करने के लिए अलग-अलग मंत्रालय से डेटा भी मांगा जाता है।
चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर के तहत जारी की गई गाइडलाइन के तहत यह डॉक्यूमेंट्स डीईए का डिवीजन तैयार करता है। इसके बाद फाइनेंस सेक्रेटरी इकोनॉमिक सर्वे का फाइनल ड्राफ्ट रिव्यू होता है और अप्रूव करने के बाद इस पर फाइनेंस मिनिस्टर साइन करती हैं।


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