
Economic Survey 2022-23 : आर्थिक सर्वेक्षण 2023 में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए जीडीपी विकास दर 6-6.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। जबकि वित्त वर्ष 23 के लिए अनुमान 7 फीसदी वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 8.7 प्रतिशत है। 2023-24 के लिए यह अनुमान उच्च उधार लागत और सीएडी (करेंट अकाउंट डेफिसिट) के बढ़ने के कारण रुपये में गिरावट की चिंताओं के बीच लगाया गया है। हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीएडी की फाइनेंसिंग करने और रुपये की गिरावट को संभालने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार का आश्वासन दिया है। सर्वे में अर्थव्यवस्था के लिए प्राइवेट कंजप्शन, हाई कैपेक्स, कॉर्पोरेट बैलेंस शीट को मजबूत करने, क्रेडिट ग्रोथ रिवाइवल (विशेष रूप से छोटे व्यवसायों के लिए) होने के लिए भविष्य के कदमों पर फोकस किया गया है।
जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6-6.8 प्रतिशत देखा गया
सरकार वित्त वर्ष 2023 में 6.4 प्रतिशत के अनुमानित राजकोषीय घाटे है। इसको प्राप्त करने के लिए ट्रैक पर है, वहीं, वित्त वर्ष 24 के लिए जो जीडीपी ग्रोथ का अनुमान है। यह 6-6.8 प्रतिशत (आधार 6.5 प्रतिशत) देखा गया, इसको वित्त वर्ष 23 के लिए 7 प्रतिशत देखा गया और वित्त वर्ष 22 में 8.7 प्रतिशत देखा गया।
फाइनेंशियल ईयर 23 में महंगाई 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है
फाइनेंशियल ईयर 24 के लिए सकल घरेलू उत्पाद नाममात्र शर्तों में 11 प्रतिशत होना चाहिए, कॉर्पोरेट बैलेंस शीट को मजबूत करने, निजी खपत, उच्च कैपेक्स, छोटे बिजनेस के लिए लोन में इजाफा और शहरों में प्रवासी श्रमिकों की वापसी से जो विकास है। इसकी उम्मीद है, वहीं, फाइनेंशियल ईयर 23 में महंगाई 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
अप्रैल-दिसंबर,22 के दौरान साल-दर-साल के आधार पर जीएसटी कलेक्शन में 24.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई
बढ़ती महंगाई के समय में लोन लेने की लागत ज्यादा समय तक बनी रहेगी, चालू खाता घाटा और बढ़ सकता है, जिस वजह से कमोडिटी वस्तुओं की प्राइस में तेजी, दुनिया की धीमी तेजी और ग्लोबल बिजनेस है, जो बदले में रूपी में दवाब डाल सकता है। सीएडी को वित्तपोषित करने और रूपये की अस्थिरता को प्रबंधित करने के लिए जो विदेशी मुद्रा बाजार है। इसमें हस्तक्षेप करने के लिए भारत के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है, अप्रैल 2022 से दिसंबर 2022 के दौरान साल-दर-साल के आधार पर जीएसटी कलेक्शन में 24.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।


Click it and Unblock the Notifications