नई दिल्ली, जनवरी 31। आज संसद में सरकार की तरफ आर्थिक समीक्षा को पेश किया जाएगा। हर साल बजट से पहले इसे पेश करने की परंपरा है। इसमें चालू वित्तीय वर्ष में सरकार की आर्थिक स्थिति कैसी रही है, इसकी जानकारी मिलती है, जिससे यह अनुमान लगाने में मदद मिलती है कि अगले साल के लिए सरकार की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए।
संसद में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के तुरंत बाद सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2021-22 के लिए आर्थिक समीक्षा लोकसभा में पेश कर देंगी। अर्थव्यवस्था की स्थिति की जानकारी देने और नीतिगत नुस्खे सुझाने के लिए केंद्रीय बजट से पहले संसद में पेश की जाने वाली आर्थिक समीक्षा अक्सर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पूर्वानुमान से चूक जाती है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार के नेतृत्व वाली टीम की तरफ से तैयार की जाने वाली आर्थिक समीक्षा में निगाहें मुख्य तौर जिन विषयों पर होती हैं उनमें से एक है अगले वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुमान क्या है। 2021-22 की आर्थिक समीक्षा को लेकर उम्मीद है कि वैश्विक कोरोना महामारी से पुनरुद्धार की दिशा में बढ़ने के संकेत दे रही एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को देखते हुए इसमें अगले वित्त वर्ष के लिए वृद्धि का अनुमान लगभग 9 फीसदी रह सकता है।
जानिए पिछली आर्थिक समीक्षा का अनुमान
जनवरी, 2021 में पेश पिछली आर्थिक समीक्षा में 2021-22 के लिए 11 फीसदी आर्थिक वृद्धि रहने का अनुमान जताया गया था। हालांकि, भारत के सांख्यिकीय मंत्रालय का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि केवल 9.2 प्रतिशत ही रहेगी।


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