नई दिल्ली, फरवरी 28। यूक्रेन पर हमला करने के बाद रूस की हालत अच्छी नहीं रह गयी है। रूस के केंद्रीय बैंक ने सोमवार को अपनी प्रमुख नीतिगत दर को दोगुने से अधिक कर दिया। साथ ही कैपिटल कंट्रोल वाले कदम उठाए। दरअसल रूसी केंद्रीय बैंक ने अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व पश्चिमी प्रतिबंधों से बचाने के लिए ऐसा किया है। पश्चिमी प्रतिबंधों ने रूबल को रिकॉर्ड स्तर पर गिरा दिया है। रूबल के तेजी से गिरने और उच्च मुद्रास्फीति के जोखिमों का मुकाबला करने के लिए मुख्य ब्याज दर को मौजूदा 9.5 फीसदी से बढ़ा कर 20 फीसदी कर दिया गया है। ये इस सदी में सबसे अधिक है, जिससे रूसियों की बचत को खतरा है।
बदल गए हालात
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि रूसी अर्थव्यवस्था के लिए बाहरी परिस्थितियों में काफी तेजी से बदलाव आया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार बैंक ने अपने बयान में कहा है कि ब्याज दरों में यह बढ़ोतरी रुबल में गिरावट और मुद्रास्फीति जोखिम की भरपाई के लिए आवश्यक स्तर तक जमा दरों में वृद्धि सुनिश्चित करेगी। रूस की मौद्रिक प्राधिकरण ने कंपनियों को अपने विदेशी मुद्रा राजस्व का 80% बेचने का आदेश भी दिया है।
जानिए बाकी फैसले
बैंक ने सिक्योरिटीज की सीमा में वृद्धि की है, जो लोन प्राप्त करने के लिए कोलेट्रोल के रूप में उपयोग की जा सकती हैं और अस्थायी रूप से रूसी ब्रोकरों को विदेशियों द्वारा आयोजित सिक्योरिटीज को बेचने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। मगर ये साफ नहीं है कि प्रतिबंध किन प्रतिभूतियों पर लागू होता है। इन आपातकालीन उपायों ने केंद्रीय बैंक को पश्चिमी सहयोगियों द्वारा यूक्रेन पर मॉस्को के आक्रमण के बाद आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अभियान के खिलाफ रूस की रक्षा के लि कदम बढ़ा दिए हैं।
केंद्रीय बैंक पर भी प्रतिबंध
पश्चिमी देशों ने रूस रे केंद्रीय बैंक को भी निशाना बनाया है। पश्चिमी देशों ने 640 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा और स्वर्ण भंडार को तैनात करने की इसकी क्षमता को प्रतिबंधित करने और स्विफ्ट वित्तीय नेटवर्क से रूस के प्रमुख बैंकों को काटने का प्रस्ताव रखा है। ब्रिटेन ने सोमवार को रूसी केंद्रीय बैंक, वित्त मंत्रालय और वेल्थ फंड के साथ सभी लेनदेनों पर प्रतिबंध लगा दिया और कहा कि यह कदम रूसी कंपनियों को यूनाइटेड किंगडम में ट्रांसफेरेबल सिक्योरिटीज और मुद्रा बाजार इंस्ट्रूमेंट्स जारी करने से रोकेगा।
रूस के केंद्रीय बैंक के अन्य कदम
रूसी केंद्रीय बैंक द्वारा सोमवार के कदम रविवार को घोषित अन्य उपायों को मजबूत करते हैं, जिसमें यह आश्वासन भी शामिल है कि केंद्रीय बैंक घरेलू बाजार में सोना खरीदना फिर से शुरू करेगा। यह बिना किसी सीमा के पुनर्खरीद नीलामी भी शुरू करेगा और बैंकों की खुली विदेशी मुद्रा स्थिति पर प्रतिबंधों को कम करेगा।
पश्चिम के प्रतिबंध
पश्चिम के प्रतिबंधों से रूसी अर्थव्यवस्था के लिए एक विनाशकारी झटका लगने की संभावना है और बैंकों और कंपनियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली तक पहुंचना कठिन हो जाएगा। वैसे भी रूबल सोमवार को डॉलर के मुकाबले लगभग 30 फीसदी गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया। रविवार को एटीएम के बाहर रूसियों की कतार लग गई। उन्हें चिंता है कि प्रतिबंधों से नकदी की कमी हो सकती है।


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