नयी दिल्ली। शनिवार को केंद्र सरकार ने राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना 2019 रैंकिंग (State Business Reform Action Plan 2019 Ranking) जारी की। इस रैंकिंग को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग भी कहा जाता है। केंद्र सरकार का मकसद इस रैंकिंग के जरिए राज्यों में बिजनेस माहौल को बेहतर बनाना है ताकि निवेश बढ़े। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक कार्यक्रम में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ रैंकिंग जारी की। केंद्र की ओर से जारी की गई इस रैंकिंग में ईज ऑफ डूइंग के मामले में पहला स्थान आंध्र प्रदेश का रहा, जबकि दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश आया। उधर तेलंगाना तीसरे स्थान पर खिसक गया है। आगे चौथे, पांचवे, छठे, सातवें और आठवें नंबर पर क्रमश: एमपी, झारखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान रहे।
राज्यों ने की है मेहनत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि कुछ राज्यों ने बिजनेस प्लान को एक साथ रखने में बेहतर प्रदर्शन करके दिखाया है और यह सुनिश्चित किया है कि सुधार हुए हैं। इन राज्यों ने राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना के लिए सच्ची भावना दिखाई है। ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस रैंकिंग 2019 के बारे में बोलते हुए केंद्रीय कॉमर्स और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह रैंकिंग बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान पर आधारित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और गतिशील नेतृत्व में देश ने पिछले पांच वर्षों में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिससे वैश्विक स्तर पर हमारी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंक बेहतर हुई है।
2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर वाली इकोनॉमी
गोयल ने आगे कहा कि 2025 तक भारत एक पांच ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उनके अनुसार केंद्र जल्द ही एक कार्यक्रम शुरू करेगा, जिसके तहत देश के हर जिले में अपने उत्कृष्टत उत्पादों के दम पर इसकी ऊर्जा को केंद्रित किया जाएगा। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान ऑफ स्टेट्स हमारे राज्यों के विश्वास का प्रतिबिंब है कि वे लोगों की बेहतरी के लिए अच्छा काम कर सकते हैं। ये रैंकिंग इस प्रयास को दर्शाती है कि विभिन्न राज्य अपने सिस्टम और प्रोसेस को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
व्यवसाय सुधार कार्य योजना (बीआरएपी)
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के लिए व्यवसाय सुधार कार्य योजना (बीआरएपी) के तहत एक्सरसाइज आयोजित करता है। इस अभ्यास का उद्देश्य घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए व्यावसायिक माहौल में सुधार करना है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य निवेशकों को लुभाने के लिए उनके बीच प्रतिस्पर्धा शुरू करना है। इसके मापदंडों में निर्माण परमिट, श्रम विनियमन, पर्यावरण पंजीकरण, सूचना तक पहुंच, भूमि की उपलब्धता और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे क्षेत्र शामिल हैं। जो राज्य इन सब में आसानी और बेहतरी करता है उसे ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में बेहतर से बेहतर रैंकिंग मिलती है।
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