पैसा : दूध के अलावा गाय-भैंस का गोबर बेच कर कमाइए, सरकारी डेयरी कंपनी खरीदने को तैयार

नई दिल्ली, जुलाई 26। सरकार ने किसानों की इनकम डबल करने को लेकर कई कदम उठाए हैं। अब सरकार ने एक और बड़ा ऐलान किया है। बता दें कि गाय के गोबर के बेहतर उपयोग के माध्यम से डेयरी किसानों की आय बढ़ाने के लिए, केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने सोमवार को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की एक नई सहायक कंपनी एनडीडीबी मृदा लिमिटेड को लॉन्च किया। ये किसानों से गाय-भैंस का गोबर खरीदेगी और उन्हें पैसा कमाने एक और माध्यम मुहैया करेगी।

क्या है एनडीडीबी

क्या है एनडीडीबी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत आने वाला एक वैधानिक निकाय है, जो दूध, डेयरी उत्पाद, खाद्य तेल और फलों और सब्जियों की मैन्युफैक्चरिंग, मार्केटिंग और बिक्री करता है। मंत्रालय के प्रभारी रूपाला ने कहा कि एनडीडीबी ने सही समय पर इस नई फर्म की स्थापना की है। देश में मवेशियों की आबादी काफी विशाल है और गाय के गोबर की प्रचुर आपूर्ति है।

क्या होगा गोबर से

क्या होगा गोबर से

बता दें कि सरकारी कंपनी जो गोबर खरीदेगी, उससे बिजली बनेगी। साथ ही गैस निकलेगी और जैविक खाद भी तैयार की जाएगी। मतलब कि इस वेस्ट समझी जाने वाली चीज से सरकार और किसान दोनों को फायदा होगा। रूपाला ने कहा कि नई कंपनी बायोगैस, कम्पोस्ट और अन्य उत्पाद बनाने के लिए गाय के गोबर के अधिकतम उपयोग में मदद करेगी।

देश में 30 करोड़ मवेशी

देश में 30 करोड़ मवेशी

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री संजीव बाल्यान के मुताबिक भारत में 30 करोड़ मवेशी हैं। घरेलू गैस की लगभग 50 प्रतिशत आवश्यकता गाय के गोबर से बनी बायोगैस से पूरी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ प्रतिशत एनपीके उर्वरकों को भी इससे बदला जा सकता है। गाय के गोबर की बिक्री से डेयरी किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

6 राज्यों में चल रही परियोजना

6 राज्यों में चल रही परियोजना

एनडीडीबी मृदा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप भारती के अनुसार गुजरात के आणंद जिले के जकारियापुरा में इस परियोजना के पायलट फेज को सफलतापूर्वक लागू किया गया। बाकी ये मॉडल महाराष्ट्र, राजस्थान, सिक्किम, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत छह अन्य राज्यों में चल रहा है। नई कंपनी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग मॉडल पर ध्यान देगी। इनमें जकारियापुरा में, प्रत्येक डेयरी किसान के घर पर बायोगैस संयंत्र स्थापित करना शामिल है, जो एक महीने में दो रसोई गैस सिलेंडर जितनी गैस देने में कारगर है।

वाराणसी में लगा बड़ा बायोगैस प्लांट

वाराणसी में लगा बड़ा बायोगैस प्लांट

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक बड़ा बायोगैस संयंत्र लगाया गया है और इसके लिए किसानों से गाय का गोबर खरीदा जाता है। बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार ने गोधन न्याय योजना को 20 जुलाई 2020 को शुरू किया था। इसके तहत सरकार किसानो और पशुपालकों को लाभ पहुंचाने के लिए उनसे गोबर खरीदती है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा गाय पालने वाले पशुपालक किसानो से गाय का गोबर लेकर उससे वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए किया जाता है। इस योजना की दूसरी वर्षगांठ पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने 7.48 करोड़ रुपये का ऑनलाइन भुगतान योजना के लाभार्थियों को किया था। महिला एवं सहकारी समितियों से संबंधित स्वयं सहायता समूहों को वर्मीकम्पोस्ट की बिक्री के लिए इनाम देने का भी ऐलान किया।

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