नई दिल्ली, अगस्त 10। अगर आप स्वरोजगार वाले व्यक्ती हैं तो ये खबर आपके बहुत काम आ सकती है। यहां हम आपको एक सरकारी योजना के बारे में बताएंगे। ये केन्द्र सरकार की योजना है। दरअसल मोदी सरकार ने छोटे दुकानदारों के लिए एक योजना शुरू की है। ये एनपीएस ट्रेडर्स स्कीम। इस योजना के तहत छोटे दुकानदारों या स्वरोजगार वालों को 3,000 रु की मासिक पेंशन दी जाती है। मगर इसके कुछ नियम हैं। आगे जानिए क्या हैं ये नियम।
ई-श्रम कार्ड धारक को मिलेगा फायदा
इस पेंशन का लाभ लेने के लिए आपका ई-श्रम कार्ड धारक जरूरी है। इस स्कीम का पूरा नाम नेशनल पेंशन स्कीम फॉर ट्रेडर्स एंड सेल्फ इंप्लॉइड पर्सन्स योजना है। इस स्कीम के तहत दुकानदार, रिटेल और गांव आदि में छोटा-मोटा काम करने वालों को कवर किया जाता है और उन्हें पेंशन दी जाती है। जो लोग पात्र हैं वो इस योजना का फायदा ले सकते हैं।
कहां से लें पूरी जानकारी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ई-श्रम पोर्टल से एनपीएस ट्रेडर्स स्कीम के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की जा सकती है। इस योजना का एक आयु का भी नियम है। एनपीएस ट्रेडर्स स्कीम के लिए 18 से 40 साल की आयु वाले ही आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की सालाना इनकम 1.5 करोड़ रु से अधिक नहीं होनी चाहिए, अन्यथा इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा।
एनपीएस, ईएसआईसी या ईपीएफओ का मेंबर न हो
आवेदक एनपीएस, ईएसआईसी या ईपीएफओ का मेंबर नहीं होना चाहिए। आपको केंद्र सरकार की किसी भी राष्ट्रीय पेंशन योजना का फायदा नहीं लेना चाहिए। आप एक आयकर दाता न हों। श्रम और रोजगार मंत्रालय या कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा क्रमशः प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना या प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत भी आप लाभार्थी न हों।
हर महीने 3000 रु
एनपीएस ट्रेडर्स स्कीम में उन लोगों को पेंशन का लाभ देगी, जो ऊपर बताए गए नियमों को पूरा करें। स्कीम से जुड़ने वाले लोगों को 60 साल की आयु के बाद 3000 रुपये की पेंशन हर महीने मिलेगी। यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। यानी इसे आप अपनी मर्जी से ले सकते हैं और आपको पेंशन के लिए कुछ पैसा जमा करना होगा।
ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी
आपके पास आधार और आईएफएससी के साथ बैंक खाता होना चाहिए। यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो लाभार्थी का पति/पत्नी पेंशन का 50% पारिवारिक पेंशन के रूप में प्राप्त करने का हकदार होगा। पारिवारिक पेंशन केवल पति या पत्नी पर लागू होती है। एक बार जब आवेदक 60 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेता है, तो वह पेंशन राशि का दावा कर सकता है। प्रत्येक माह एक निश्चित पेंशन राशि संबंधित व्यक्ति के पेंशन खाते में जमा की जाती है। व्यपारी, जो स्वरोजगार कर रहे हैं और दुकान के मालिक, खुदरा व्यापारी, चावल मिल मालिक, तेल मिल मालिक, कार्यशाला मालिक, कमीशन एजेंट, अचल संपत्ति के दलाल, छोटे होटल, रेस्तरां और समान व्यवसायों के साथ अन्य व्यापारी मालिक के रूप में काम कर रहे हैं, जिनका वार्षिक 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर है, योजना के तहत लाभ पाने के पात्र नहीं हैं।


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