नई दिल्ली, अक्टूबर 05। आज देश में दशहरा पर्व खूब धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज का दिन श्रीराम की रावण पर विजय के रूप में मनाया जाता है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के लिहाज से भी मनाया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा मनाया जाता है। इस त्योहार को असत्य पर सत्य का प्रतीक भी माना जाता है। कहा जाता है कि इस त्योहार के लिहाज से मनुष्य को अपने अंदर की बुराइयों को भी नष्ट करना चाहिए। जिस तरह ये त्योहार अपने अंदर की बुराइयों को खत्म करने का संदेश देता है, उसी तरह आपको अपने मनी मैनेजमेंट से जुड़ी खराब आदतों को भी खत्म करना चाहिए ताकि आप हमेशा धनवान बने रहें। यहां हम आपके लिए ऐसी ही 10 गलतियों के बारे में बताएंगे, जिन्हें दूर करने की सलाह दी जाती है।
इमरजेंसी फंड और रिटायरमेंट प्लानिंग
पहली सबसे बड़ी गलती है इमरजेंसी फंड न बनाना। इसकी जरूरत आज के समय में बहुत अधिक है। कोरोना काल में लोग देख चुके कि बिना इमरजेंसी फंड के जीवन कितना कठिन हो सकता है। दूसरी गलती रिटायरमेंट प्लानिंग से जुड़ी है। रिटायरमेंट प्लानिंग सब करते हैं, मगर देर से। जबकि रिटायरमेंट प्लानिंग नौकरी की शुरुआत के साथ ही शुरू करनी चाहिए।
फाइनेंशियल टार्गेट और जोखिम
तीसरी गलती फाइनेंशियल टार्गेट न सेट करना। अगर आप बिना फाइनेंशियल टार्गेट के निवेश करेंगे, तो अकसर भ्रमित होंगे कि आपको कब, कितना और कहां निवेश करना है। चौथी गलती है जोखिम पर ध्यान न देना। आपको पता होना चाहिए कि आपके जोखिम लेने की क्षमता कितनी है। अगर आप जरूरत से ज्यादा जोखिम लेंगे तो भारी नुकसान में आ सकते हैं।
सही एसेट एलोकेशन और इमोश्नल निवेश
सही एसेट एलोकेशन जरूरी है। इसमें मिक्स एसेट एलोकेशन बहुत अहम है। यानी कि सारा पैसा एक जगह न लगा कर थोड़ा थोड़ा पैसा अलग जगह लगाएं। इससे आपको एक जगह नुकसान हुआ भी तो दूसरी जगह से रिकवरी हो जाएगी। इसी तरह इमोश्नल निवेश बेकार है। आप गलत फैसला कर सकते हैं। इसके बजाय रिसर्च के साथ निवेश करें।
शेयर में अनुमान और रेगुलर निवेश
यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो अनुमान नहीं लगाना चाहिए। बल्कि रिसर्च, सलाह और कंपनी की प्रोफाइल पर गौर करना जरूरी है। देखें कि कंपनी मुनाफा कमा रही है या नहीं। इसमें प्रमोटर हिस्सेदारी कितनी है। इसी तरह रेगुलर निवेश न करने वाले कामयाब नहीं हो सकते। आपको निवेश रेगुलर करना होगा। इसके लिए एसआईपी की मदद ली जा सकती है।
लंबी अवधि और बीमा कवर
निवेश एक लंबी अवधि वाला मामला है। इसे आप शॉर्ट टर्म में निपटाने की न सोचें। इसमें धैर्य चाहिए। इसमें निरंतरता चाहिए। इसमें अनुशासन चाहिए। अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश की प्लानिंग नहीं करते हैं तो नुकसान होगा। इसी तरह अपना और अपने परिवार का पर्याप्त बीमा कवर होना चाहिए। ऐसा इसलिए ताकि आपकी सेविंग्स परिवार के किसी सदस्य या खुद आपके बीमार होने पर आने वाले मेडिकल बिल से खत्म न हो जाए।
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