नई दिल्ली, सितंतबर 21। देश के हजारों अमीर लोग अनेक कारणों से विदेशों में शिफ्ट होने की योजना बना रहे हैं। इन अमीरों में उद्यमी, कॉर्पोरेट में जॉब करने वाले बड़े अधिकारी शामिल हैं। अभी कुछ दिन पहले एक रिपोर्ट आई थी जिसमें दावा किया गया था कि करीब 8000 अमीर भारतीय इस साल देश छोड़ के अन्य देशों में बस सकते हैं। आप सोच रहे होंगे कि आखिर क्यों इन अमीरों का मोहभंग भारत से हो रहा है। भारत भी एक विकाशिल देश है और अब विश्व की पांचवि सबसे बड़ी अर्थव्यस्था भी है।
ये हैं कारण
भारत विश्व की सबसे तेज बढ़ते अर्थव्यस्थाओं में से एक है। कोरोना के समय पर भी देश अन्य देशों की तुलना में अच्छी स्थिति में रहा है। इन सब के बावजूद इस तरह की खबर चौकाती है। बिजनेस टूडे के मुताबिक कमाई के बेहतर और अनेक विकल्प, व्यापार में विस्तार जिवन में बेहतर गुणवकत्ता के लिए लिए अमीर लोग विदेशों का रुख कर रहें हैं। हजारों लोग विकल्प की तलाश में है।
जानकारों का यह है मानना
रिपोर्ट में यह बताया गया है कि लोगों के देश छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि भारत में रहने की अच्छी जगहों की कमी है। भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और देश में हर साल तमाम विदेशी कंपनियां निवेश कर रही हैं। भारत वैश्विक बाजार का एक आकर्षक केन्द्र है। जानकारों का मानना है कि अमीर दूसरे देश में कुछ मिलियन डॉलर का निवेश करके आसानी से स्थानिय निवास पा लेते हैं। ऐसे में यह विकल्प केवल अमीर व्यक्तियों के लिए ही आकर्षक दिख रहा है। दुसरे देशों में निवास स्थान बनाने या नागरिकता पाने का व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा कारण सुरक्षित महसूस करने के ठिकाना तैयार करना है। व्यापारी किसी महामारी या दुविधा के समय विदेश में एक आश्रय रखना चाहते हैं।
इन देशों को लोग कर रहे हैं पसंद
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनिया के अधिकतर अमीर लोग संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर में अपने आशियाना बनाने के विषय में सोच रहे हैं। बिजनेस टुडे के मुताबिक 2015 से 2021 तक भारत के कुल 9,00,000 से अधिक लोगों ने अपना पासपोर्ट सरेंडर किया हैं. हालांकि यह जनसंख्या का एक बहुत ही छोटा हिस्सा है लेकिन चिंता करने वाली बात यह है कि यह संख्या साल-दर-साल बढ़ती जा रही है। भारत सरकार के आंकड़ों पर ध्यान दे तो अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा भारतीयों के लिए सबसे पसंदिदा जगह है।


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