Dubai Gold Rate: दुबई में हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार को सोने की कीमत में कोई भी बदलाव नही हुआ है। आज यहां गोल्ड स्थिरता के साथ कारोबार कर रहा है। सोने के भाव में इन दिनों फेरबदल लगातार बना हुआ है।
दुनियाभर की हलचलों का असर सोने और चांदी जैसे पारंपरिक निवेश माध्यमों पर साफ दिखाई देता है। अभी के हालात में स्थिरता तो है, लेकिन स्थिति कभी भी बदल सकती है। इसलिए निवेश करने से पहले बाजार की दिशा और वैश्विक संकेतों पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी है।

MCX पर सोने का 5 अगस्त का कॉन्ट्रैक्ट सोमवार को दोपहर के 12:09 बजे 121 रुपए यानी 0.27 प्रतिशत रुपए उछलकर 97940 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
दुबई में 24 कैरट सोने के भाव पर नजर डालें तो आज भारतीय रुपए में 94747 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं एक दिन पहले गोल्ड 94747 रुपए 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
आज 22 कैरट सोने के भाव में स्थिरता देखने को मिल रही है। दुबई में 22 कैरट सोने के दाम 87681 रुपए प्रति 10 ग्राम है। वहीं एक दिन पहले 87681 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
आज 18 कैरट सोने के दाम में स्थिरता आई है। आज दुबई में 18 कैरट सोने के भाव 71746 रुपए प्रति 10 ग्राम है। वहीं एक दिन पहले 71746 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
सराफा बाजार में सोने का कारोबार
आज भारतीय सराफा बाजार में सोना स्थिरता के साथ कारोबार कर रहा है। आज जयपुर सराफा बाजार में 22 कैरट सोने के दाम 91750 रुपए है, वहीं एक दिन पहले 91750 रुपए था।
सराफा बाजार में चांदी का कारोबार
आज भारतीय सराफा बाजार में चांदी स्थिरता के साथ कारोबार कर रही है। आज जयपुर सराफा बाजार में 100 ग्राम चांदी का भाव 11600 रुपए है, वहीं एक दिन पहले 11600 रुपए था।
सोने का वैश्विक दाम
वैश्विक स्तर पर सोने के दाम में गिरावट देखी जा रही है। कॉमेक्स पर सोना 0.02 फीसदी या 0.68 डॉलर की गिरावट के साथ 3,337.63 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया।
चांदी का वैश्विक दाम
सोने से अलावा चांदी की वैश्विक कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। कॉमेक्स पर चांदी का वैश्विक भाव शुक्रवार दोपहर 12:13 बजे 38.31 फीसदी या 0.14 डॉलर की तेजी के साथ 0.36 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया।
सोने की कीमतों पर एक्सपर्ट की राय
निर्मल बांग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि उनकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख से कोई खटपट नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि फेड मुख्यालय की मरम्मत से जुड़ी दिक्कतें किसी को हटाने का कारण नहीं बन सकतीं।
अमेरिकी डॉलर बीते हफ्तों में और मजबूत हुआ है, जिससे कई देशों के लिए सोना खरीदना महंगा पड़ रहा है। डॉलर की मजबूती से सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची बनी रहती है, जिससे निवेशकों की खरीदारी में थोड़ी कमी आई है।
2025 में अब तक सोने की कीमतों में 27% की बढ़त देखने को मिली है। इसकी सबसे बड़ी वजह रही दुनियाभर में चल रही अनिश्चितता खासकर ट्रंप की तेज़ विदेश व्यापार नीतियां, यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव। इन कारणों से निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर भागे और सोना खरीदा।
हालांकि अप्रैल में सोना रिकॉर्ड ₹3,500 प्रति औंस के पार चला गया था, लेकिन उसके बाद से इसमें कोई खास उछाल नहीं देखा गया। बीते कुछ महीनों में इसकी कीमतें एक सीमित रेंज में ही बनी हुई हैं। इसकी वजह है अमेरिकी व्यापार समझौतों में हुई प्रगति और शेयर बाजारों में बढ़ता भरोसा।
सोना अब भी एक सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है, लेकिन बाजार की स्थिरता और डॉलर की मजबूती ने इसकी चमक को थोड़ी देर के लिए थामा है। निवेशकों को अब अंतरराष्ट्रीय हालात और बाजार संकेतों पर पैनी नजर रखनी होगी।


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